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उदयपुर में पशु क्रूरता की सनसनीखेज वारदातें: कुत्तों पर बर्बर हमले, दो FIR दर्ज

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24 News udate उदयपुर में दो दिल दहला देने वाली घटनाओं ने पशु क्रूरता की हदें पार कर दीं। गारियावास और बलीचा इलाकों में कुत्तों के साथ हुई बेरहमी ने न सिर्फ स्थानीय लोगों को स्तब्ध कर दिया, बल्कि इंसानियत पर भी सवाल उठा दिए। दोनों मामलों में पुलिस ने शिकायत दर्ज की है और जांच शुरू कर दी है, जबकि पशु प्रेमी आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग कर रहे हैं।

बूढ़े कुत्ते पर डंडे से हमला, दर्द से तड़प उठा

19 मार्च की देर शाम गारियावास में एक चौंका देने वाला दृश्य कैद हुआ। सीसीटीवी फुटेज में एक लड़का साइकिल से उतरता है, पास पड़ा डंडा उठाता है और एक शांत बैठी बूढ़ी मादा कुत्ते के सिर पर ताबड़तोड़ दो वार करता है। हमले के बाद वह अपने साथी के साथ मौके से भाग निकला। कुत्ता दर्द से चीखता रहा, लंबे समय तक तड़पता रहा।

एनिमल ऐड के राजकिशोर वर्मा के मुताबिक, 10 साल की यह बूढ़ी मादा कुत्ता बेहद कमजोर थी। वह न तो ज्यादा चल पाती थी, न ही किसी को नुकसान पहुंचाती थी। फिर भी, बच्चों ने बिना किसी वजह के उस पर यह क्रूरता की। कुत्ते की हालत गंभीर बनी हुई है—वह दर्द से कराह रही है और खड़े होने में असमर्थ है। उसे बचाने की कोशिश जारी है। इस मामले में हिरण मगरी थाने में FIR दर्ज की गई है।

बाइक से घसीटा कुत्ता, महिला बनी मसीहा

दूसरी घटना बलीचा इलाके में गुरुवार को सामने आई। एक युवक ने कुत्ते को रस्सी से बाइक के पीछे बांधकर सड़क पर घसीटना शुरू कर दिया। वीडियो में साफ दिख रहा है कि बंधा हुआ कुत्ता असहाय होकर सड़क पर घिसट रहा था। इसी बीच, एक साहसी महिला ने आगे बढ़कर युवक को रोका और कुत्ते की जान बचाई। इस क्रूरता की शिकायत एनिमल ऐड ने गोवर्धन विलास थाने में दर्ज कराई है।

जनता में गुस्सा, सख्त कार्रवाई की मांग

इन घटनाओं से लोगों में आक्रोश फैल गया है। गारियावास के पड़ोसियों का कहना है कि बूढ़ा कुत्ता किसी के लिए खतरा नहीं था, फिर भी उस पर इतना जुल्म क्यों ढाया गया, यह समझ से बाहर है। पशु कल्याण संगठन और नागरिक अब आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस दोनों मामलों की जांच कर रही है और वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है।

ये वारदातें समाज में संवेदनशीलता की कमी को उजागर करती हैं। क्या मूक जानवरों पर ऐसी बर्बरता को रोकने के लिए अब कड़े कदम नहीं उठाए जाने चाहिए? यह सवाल हर किसी के मन में कौंध रहा है।

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