मुंबई। भारतीय सिनेमा और टेलीविजन के प्रख्यात अभिनेता सतीश शाह का शनिवार दोपहर मुंबई में निधन हो गया। 74 वर्षीय सतीश शाह लंबे समय से किडनी संबंधी बीमारी से जूझ रहे थे। दोपहर को अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें हिंदुजा हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। रविवार को उनका पार्थिव शरीर हिंदुजा हॉस्पिटल से उनके घर लाया गया, जिसके बाद विले पार्ले (पश्चिम) स्थित पवन हंस श्मशान भूमि में अंतिम संस्कार किया गया। फिल्म और टीवी जगत से जुड़ी कई हस्तियां उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचीं। फिल्म और टीवी जगत की मौजूदगी में हुआ अंतिम संस्कार सतीश शाह के अंतिम संस्कार में उनके साथ काम कर चुके कलाकारों की लंबी कतार देखी गई।टीवी शो साराभाई वर्सेस साराभाई में उनके ऑनस्क्रीन बेटे बने राजेश कुमार और अशोक पंडित ने उन्हें कंधा दिया।अभिनेता नील नितिन मुकेश, नसीरुद्दीन शाह, टीकू तलसानिया, रुपाली गांगुली, जैकी श्रॉफ, अली असगर, दिलीप जोशी, सुमीत राघवन सहित अनेक कलाकार उपस्थित रहे। निर्देशक कुणाल कोहली अपनी पत्नी के साथ पहुंचे, जबकि भाजपा नेता आशीष शेलार और फिल्म इंडस्ट्री के वरिष्ठ सदस्य अशोक पंडित भी अंतिम यात्रा में शामिल हुए।रुपाली गांगुली, जिन्होंने ‘साराभाई वर्सेस साराभाई’ में सतीश शाह की बहू का किरदार निभाया था, अंतिम दर्शन के समय भावुक नजर आईं। “पहला निवाला लेते ही बेहोश हो गए” — मैनेजर ने बताया आखिरी पल सतीश शाह के मैनेजर रमेश कदातला ने बताया कि शनिवार दोपहर करीब 2 बजे वे लंच कर रहे थे। “पहला निवाला लेते ही वे अचानक बेहोश हो गए। हमने तुरंत एम्बुलेंस बुलाई और उन्हें हिंदुजा हॉस्पिटल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।”कदातला वही व्यक्ति हैं जिन्होंने सतीश शाह को अस्पताल तक पहुंचाया था। मृत्यु से कुछ घंटे पहले भेजी थी सेल्फी फिल्ममेकर विवेक शर्मा ने बताया कि शनिवार सुबह ही उनकी सतीश शाह से बातचीत हुई थी। “हम रोज चैट करते थे। उस दिन उन्होंने मुझे एक सेल्फी भेजी और कहा — देख, मैंने 20-22 किलो वजन घटा लिया है, अब मैं कितना स्मार्ट लग रहा हूं! उन्होंने नवंबर से काम शुरू करने की बात भी कही थी।”विवेक शर्मा ने बताया कि शाह पिछले डेढ़ साल से डायलिसिस पर थे, लेकिन हमेशा उत्साहित रहते थे और अपनी बीमारी को कभी अपने हावभाव पर हावी नहीं होने देते थे। चार दशक से अधिक का शानदार सफर सतीश शाह का करियर हिंदी सिनेमा और टेलीविजन दोनों के लिए यादगार रहा। 1980 के दशक में उन्होंने ‘ये जो है जिंदगी’ जैसे धारावाहिकों से पहचान बनाई और बाद में साराभाई वर्सेस साराभाई में ‘इंद्रवदन साराभाई’ के किरदार ने उन्हें घर-घर लोकप्रिय बना दिया। फिल्मों में उन्होंने कल हो ना हो (2003), मैं हूं ना (2004), फना (2006), ओम शांति ओम (2007) जैसी हिट फिल्मों में अपनी कॉमिक टाइमिंग से अमिट छाप छोड़ी।साल 2008 में उन्होंने अर्चना पूरन सिंह के साथ कॉमेडी सर्कस में बतौर जज भी दर्शकों का मनोरंजन किया। सादगी और विनम्रता के प्रतीक सतीश शाह न केवल अपने अभिनय के लिए बल्कि अपनी सहजता और सौम्य व्यक्तित्व के लिए भी जाने जाते थे। उनके सहयोगी कलाकार उन्हें “हास्य का खजाना और दिल से इंसान” बताते हैं।उनके निधन से फिल्म और टीवी जगत ने एक ऐसे कलाकार को खो दिया है जिसने हर वर्ग के दर्शकों को हँसी और भावनाओं के रंग में रंगा। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation मुंबई: एड गुरु पीयूष पांडे को अंतिम विदाई, बॉलीवुड हस्तियों ने दी श्रद्धांजलि निंबाहेड़ा में आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान सम्मेलन सम्पन्न, हर घर स्वदेशी, घर-घर स्वदेशी का दिया गया संदेश