24 News Update उदयपुर। आर. एन. टी. मेडिकल कॉलेज के सभागार में रविवार को सालवी (बुनकर) समाज, साठ खेड़ा, उदयपुर द्वारा एक भव्य छात्र-छात्रा सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में समाज के खेरोदा, चैखला, मेड़ता, गिर्वा, मोड़ी और गवाड़ी चैखलों से जुड़े छह सौ से अधिक परिवारों ने भाग लिया। समारोह का उद्देश्य समाज के उन विद्यार्थियों को सम्मानित करना था जिन्होंने शैक्षणिक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है या हाल ही में राजकीय सेवाओं में चयनित हुए हैं।समारोह के मुख्य अतिथि महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर के कुलपति डॉ. अजीत कुमार कर्नाटक रहे। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि किसी भी समाज या राष्ट्र के निर्माण में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। युवा ऊर्जा, उत्साह और नए विचारों से ओतप्रोत होते हैं, जो समाज को ऊंचा उठाने में सहायक बनते हैं। उन्होंने कहा कि अकेले चलने की बजाय टीमवर्क की भावना के साथ आगे बढ़ना चाहिए। यदि कभी अकेले भी रहना पड़े तो डरकर नहीं, डटकर रहना चाहिए ताकि सफलता स्वयं आगे आकर सलाम करे।डॉ. कर्नाटक ने विद्यार्थियों को अमेरिकी विचारक एल्विन टॉफलर के तीन सिद्धांतों—”सीखो, भूलो और फिर से नया सीखो”—का उदाहरण देते हुए यह सीख दी कि समय के साथ ज्ञान को भी अपडेट करना आवश्यक है। उन्होंने छात्रों को नियमित अध्ययन के साथ पुस्तक चर्चा जैसी गतिविधियों में भाग लेने और अपने कार्यों के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि यह आदतें छात्रों के सर्वांगीण विकास में मददगार होती हैं।कार्यक्रम में सैकण्डरी, सीनियर सैकण्डरी, कॉलेज तथा उच्च शिक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। साथ ही हाल ही में सरकारी सेवाओं में चयनित समाज के नवयुवकों को भी सम्मानित किया गया। मंच से श्री रमण कुमार और श्री रामलाल सालवी ने भी विचार व्यक्त करते हुए समाज के सभी परिवारों से आग्रह किया कि वे विशेष रूप से बालिकाओं की शिक्षा पर ध्यान दें, ताकि वे भी उच्च पदों पर पहुंचकर समाज और देश का नाम रोशन कर सकें।समारोह में समाज के विभिन्न चैखलों के प्रतिनिधि—श्री मांगीलाल पचलोड़, श्री रोशनलाल पचलोड़, श्री सुरेन्द्र होर, श्री रमेश पिचोलिया, श्री अंबालाल लड़ोती, श्री मितेश रायकवाल, श्री तेजपाल, श्री सोहनलाल परमार, श्री गणेशलाल मणोती और श्री विनोद सौलंकी—भी उपस्थित रहे। इन सभी वक्ताओं ने समाजोत्थान, शिक्षा और सामूहिक जागरूकता पर बल दिया और युवाओं को प्रगति की मुख्य धारा में बनाए रखने की बात कही। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation डॉ. इक़बाल सक्का ने विमान हादसे में मृतकों को दी अनोखी श्रद्धांजलि, बनाया विश्व का सबसे छोटा स्वर्ण निर्मित बोइंग 787 मॉडल सभी के सुख का विचार करना दैविक वृत्ति है : जैनाचार्य रत्नसेन सूरीश्वर महाराज, हिरणमगरी सेक्टर-3 स्थित श्री शांतिनाथ जैन संघ में आयोजित धर्मसभा में हुआ प्रवचन