24 News Update जयपुर। आम लोगों की लगातार बढ़ती समस्याओं और उनके समाधान में देरी को देखते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश के प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव किया है। अब 35 वरिष्ठ आईएएस अधिकारी आईएएस अधिकारी राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन 181 पर सीधे ड्यूटी करेंगे।
मुख्यमंत्री की पहल के तहत अधिकारी रोज कम से कम 10 कॉल रिसीव करेंगे और आमजन की शिकायतें सुनकर उनका यथासंभव तत्काल समाधान करवाएंगे। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवासन ने शुक्रवार को इस अभियान का आदेश जारी किया।
अभियान की रूपरेखा
अवधि: 4 मार्च से 28 अप्रैल तक
सदस्य: अतिरिक्त मुख्य सचिव अभय कुमार सिंह, अपर्णा अरोड़ा, शिखर अग्रवाल, संदीप वर्मा, कुलदीप रांका सहित 35 वरिष्ठ अधिकारी
दायित्व: हर अधिकारी रोज कम से कम 10 लंबित या जल्दी निपटने योग्य शिकायतों का समाधान और उसका रिप्लाई भेजेगा
रिपोर्टिंग: सभी अधिकारी अपनी कार्रवाई की रिपोर्ट मुख्य सचिव को सौंपेंगे। रिपोर्ट में न केवल किए गए काम का ब्यौरा होगा, बल्कि शिकायतों के निस्तारण और प्रक्रिया सुधार के सुझाव भी शामिल होंगे।
लक्ष्य और पृष्ठभूमि
मुख्यमंत्री ने पिछले कुछ समय से 181 कॉल सेंटर का खुद दौरा कर आमजन से सीधे संवाद किया है। इसके अलावा वे CMR (Chief Minister’s Reception) जनसुनवाई के माध्यम से भी लोगों की समस्याएं सुनते और उनका समाधान कराते रहे हैं। सरकार के अनुसार, आमजन अक्सर प्रमाण पत्र बनवाने, बिजली-पानी, सफाई और अन्य छोटे-छोटे मुद्दों के समाधान में लंबी देरी से परेशान रहते हैं। अब इस अभियान के तहत सीनियर अधिकारी खुद शिकायतें सुनेंगे और तत्काल कार्रवाई करेंगे।
प्रशासनिक जवाबदेही
कॉल सेंटर में अफसरों की उपस्थिति, सुनवाई और शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया प्रतिदिन रिपोर्ट के जरिए मुख्य सचिव को भेजी जाएगी। इसके अलावा अधिकारी सुझाव देंगे कि कैसे संपर्क पोर्टल और शिकायत निस्तारण प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। इस पहल से राज्य में जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच दूरी कम करने, आमजन की शिकायतों का त्वरित समाधान और सरकारी तंत्र में जवाबदेही बढ़ाने की उम्मीद जताई जा रही है।
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