यूपी से राजस्थान तक फैला अवैध हथियारों का जाल कटा, एजीटीएफ और प्रतापगढ़ पुलिस ने की संयुक्त कार्रवाई तीन और गन हाउस संचालक उत्तर प्रदेश के मैनपुरी और मथुरा से गिरफ्तार 24 News Update जयपुर, 18 जुलाई। राजस्थान पुलिस ने अवैध हथियार और कारतूस तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अपने विशेष अभियान में एक ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स पुलिस मुख्यालय और प्रतापगढ़ पुलिस की संयुक्त कार्रवाई ने कुख्यात सलमान- ‘अंकल गिरोह’ के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है। इस अभियान के तहत अब तक 15 हथियार सप्लायर और गन हाउस संचालकों को उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद, मैनपुरी, मथुरा और राजस्थान-यूपी की विभिन्न जेलों से गिरफ्तार किया गया है।अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस अपराध एवं एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स श्री दिनेश एम.एन. के निर्देशों पर शुरू हुए इस ऑपरेशन में एजीटीएफ और प्रतापगढ़ पुलिस ने संगठित अपराध की कमर तोड़ दी है। उपमहानिरीक्षक पुलिस श्री योगेश यादव और एजीटीएफ के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धांत शर्मा के सुपरविजन और प्रतापगढ़ एसपी श्री विनीत कुमार बंसल के समन्वय में इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया।एजीटीएफ और प्रतापगढ़ पुलिस ने संयुक्त रूप से इस अभियान में गहन छानबीन की और पाया कि कई लाइसेंसी गन हाउस संचालक अवैध रूप से हथियार और कारतूस अपराधियों को बेच रहे थे। इसके बाद कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए कुल 15 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। शुक्रवार को भी टीम ने रिया आर्म्स स्टोर मैनपुरी के संचालक कमल सोलंकी पुत्र जगदीश प्रसाद निवासी देवरा जिला मैनपुरी यूपी को मैनपुरी से और काली गन हाउस मथुरा के संचालक नवीन पोहिया पुत्र अजय कुमार (35) तथा शर्मा गन हाउस मथुरा के संचालक गोपाल उर्फ जोली शर्मा पुत्र नंदलाल निवासी मथुरा उत्तर प्रदेश को मथुरा से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।एडीजी श्री एम एन ने बताया कि ऑपरेशन की शुरुआत 28 जून, 2025 को हुई जब प्रतापगढ़ पुलिस ने हथियार सप्लायर राकेश राठौर को एक ऑटोमेटिक पिस्टल और दो खाली मैगजीन सहित गिरफ्तार किया। राकेश से मिली जानकारी के आधार पर 2 जुलाई को मध्य प्रदेश के नागदा निवासी कुख्यात गैंगस्टर सलमान खान को बांसवाड़ा जेल से गिरफ्तार किया गया, जिसकी सूचना पर 14 अवैध देशी-विदेशी हथियार और 1860 कारतूस का बड़ा ज़खीरा बरामद हुआ। सलमान, जो अपने पिता की आपराधिक विरासत को आगे बढ़ा रहा था।आगे की जांच में इस हथियार तस्करी नेटवर्क के कई मुख्य सरगना बेनकाब हुए और गिरफ्तार किए गए: धीरेंद्र, कुंवर पाल सिंह और जितेंद्र उर्फ जीतू बिलोनी: ये भी इस सप्लाई चेन के महत्वपूर्ण सदस्य थे, जिन्हें 3 जुलाई को यूपी और धौलपुर से गिरफ्तार किया गया। रमाशंकर लोधी : दोनों से पूछताछ और गहन अनुसंधान के बाद पुलिस ने अवैध हथियार सप्लायर और गन हाउस के संचालक रमाशंकर पुत्र दरबारी लाल को 7 जुलाई को उत्तर प्रदेश के एटा से गिरफ्तार किया जो मोटा मुनाफा कमा कर अपराधियों को कारतूस और हथियार उपलब्ध करा रहा था।• प्रवीण वर्मा उर्फ अंकल: इस गिरोह का मास्टरमाइंड, जो 8 जुलाई को लखनऊ जेल से गिरफ्तार हुआ। वह राकेश और जितेंद्र सिंह उर्फ जीतू बिलोनी को प्रतिबंधित हथियार सप्लाई करता था। सद्दाम: 9 जुलाई को जोधपुर जेल से गिरफ्तार किया गया, यह मारवाड़ के तस्करों और सुपारी किलर को हथियार सप्लाई करता था।• गुलाम हुसैन: प्रवीण उर्फ अंकल को हथियार और कारतूस मुहैया कराने वाला एक और कुख्यात तस्कर, जिसे 10 जुलाई को फिरोजाबाद, यूपी से पकड़ा गया।• राहुल, सागर और नितिन: 14 जुलाई को फिरोजाबाद जेल से गिरफ्तार हुए ये तीनों हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सज़ा काट रहे थे और लाइसेंसी हथियारों के नंबर मिटाकर सप्लाई करते थे, इनमे राहुल के नाम एक लाइसेंसी गनहाउस था, जो साल 2009 में सील हो गया था।ये सभी अपराधी यूपी और राजस्थान की विभिन्न जेलों से प्रोडक्शन वारंट पर या सीधे गिरफ्तार किए गए।पुलिस टीमों की सराहनीय भूमिकाइस सफल अभियान में राजस्थान एजीटीएफ और प्रतापगढ़ पुलिस की टीमों ने बेहतरीन समन्वय और बहादुरी का प्रदर्शन किया। एजीटीएफ टीम से पुलिस निरीक्षक सुभाष सिंह, एएसआई शैलेन्द्र शर्मा, शंकर दयाल शर्मा, हेड कांस्टेबल सुरेश कुमार, कमल सिंह, मदन लाल, अरुण कुमार, कांस्टेबल नरेश कुमार, रतिराम, बृजेश और चालक सुरेश कुमार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं, छोटीसादड़ी थाना टीम से एसएचओ प्रवीण टांक, एसआई नारायण लाल, एएसआई शिवराम, अर्जुन सिंह, हेड कांस्टेबल सुरेश कुमार, महेश कुमार, रघुवीर सिंह और कांस्टेबल रामराज ने भी सराहनीय कार्य किया। कांस्टेबल सुरेश कुमार (नंबर 1144) की सटीक सूचना इस पूरी सफलता में निर्णायक साबित हुई।राजस्थान पुलिस की यह कार्रवाई राज्य में अवैध हथियार तस्करी के खिलाफ एक बड़ा प्रहार है और संगठित अपराध पर लगाम कसने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है और गहन अनुसंधान जारी है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation राजस्थान की 1638 अदालतों में न्यायिक कार्य ठप: कैडर पुनर्गठन की मांग को लेकर 20 हजार न्यायिक कर्मचारी अनिश्चितकालीन अवकाश पर राजस्थान में अब अपराधियों की खैर नहीं: टॉप-25 सर्वाधिक वांछितों की नई सूची जारी, 12 नए नाम शामिल, लाखों के इनाम घोषित