24 न्यूज अपडेट, जयपुर। जयपुर राजस्थान की अधीनस्थ अदालतों में मंगलवार से न्यायिक कार्य पूरी तरह से ठप हो गया है। राज्यभर की करीब 1638 अदालतों में लगभग 20 हजार न्यायिक कर्मचारी अनिश्चितकालीन सामूहिक अवकाश पर चले गए हैं। ये कर्मचारी कैडर पुनर्गठन की दो साल से लंबित मांग को लेकर आंदोलित हैं और राजस्थान न्यायिक कर्मचारी संघ के बैनर तले जयपुर सैशन कोर्ट परिसर में लगातार पिछले पांच दिनों से धरने पर बैठे हैं। संघ के प्रदेशाध्यक्ष सुरेन्द्र नारायण जोशी भूख हड़ताल पर हैं।हाईकोर्ट की सिफारिश के बावजूद नहीं हुई कार्रवाईसंघ के अनुसार, हाईकोर्ट की फुल बेंच ने 6 मई 2023 को मंत्रालयिक एवं स्टेनोग्राफर संवर्गों के पुनर्गठन का प्रस्ताव पारित कर राज्य सरकार को भेजा था, लेकिन अब तक इस पर कोई कार्यवाही नहीं हुई। इससे कर्मचारियों को न सिर्फ पदोन्नति के अवसरों में बाधा आ रही है, बल्कि उनका आर्थिक नुकसान भी हो रहा है।कर्मचारियों ने लगाया भेदभाव का आरोपसंघ के अध्यक्ष जोशी ने कहा कि सरकार ने राज्य के अन्य कर्मचारियों के इन संवर्गों का पुनर्गठन पहले ही कर दिया था, लेकिन न्यायिक कर्मचारियों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा, “हम लगातार शांति से अपनी बात रख रहे हैं, लेकिन सरकार ने अब तक कोई सुनवाई नहीं की। मजबूरी में हमें अनिश्चितकालीन आंदोलन का रास्ता चुनना पड़ा।”मई में भी किया था आंदोलन, भारत-पाक तनाव के चलते स्थगित कियामई माह में भी न्यायिक कर्मचारियों ने भूख हड़ताल व आंदोलन का रास्ता अपनाया था, लेकिन भारत-पाक तनाव के चलते उस समय उन्होंने आंदोलन को स्थगित कर दिया था। अब एक बार फिर 14 जुलाई से आंदोलन को पुनः आरंभ कर दिया गया है। न्यायिक कर्मचारियों के सामूहिक अवकाश पर चले जाने से राजस्थान की अधीनस्थ अदालतों में न्यायिक कार्य पूरी तरह ठप हो गया है। इससे हजारों मामलों की सुनवाई प्रभावित हो रही है और आम नागरिकों को गंभीर असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation राज्यपाल हरिभाऊ बागडे बोले – विश्वविद्यालय शीघ्र लागू करें राष्ट्रीय शिक्षा नीति, गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए NAAC मूल्यांकन अनिवार्य राजस्थान पुलिस की बड़ी सफलता: अवैध हथियार तस्करी का नेटवर्क ध्वस्त, 5 गन हाउस संचालक सहित 15 हथियार तस्कर सलाखों के पीछे