24 News Update जयपुर। प्रदेशभर में ऐसे कई लोग हैं जो आपदा प्रबंधन के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों में, महिला एवं बाल अत्याचार के मामलों में सहित विविध अपराधों की रोकथाम तथा अपराधियों की गिरफ्तारी में सहायक सूचनाएं उपलब्ध कराने और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने सहित अन्य प्रकार से पुलिस कार्यों में उल्लेखनीय सहयोग देते हैं। सामाजिक जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करने वाले इसी प्रकार के लोगों के के कार्यों को प्रोत्साहित करने व अन्य लोगों को भी प्रेरित करने के उद्देश्य से राजस्थान पुलिस के 77वें स्थापना दिवस के गौरवशाली अवसर पर राजस्थान पुलिस ने समाज के उन अनसंग हीरोज का सम्मान किया जिन्होंने निस्वार्थ भाव से मानवता की सेवा कर पुलिस का सहयोग किया है। समारोह की सांस्कृतिक संध्या के दौरान महानिदेशक पुलिस श्री राजीव शर्मा ने सिरोही के प्रकाश प्रजापति, झालावाड़ के सुजीत कश्यप और उदयपुर की सिंधु बिनुजीत को उनके उल्लेखनीय सामाजिक योगदान के लिए राज्य स्तरीय प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। डीजीपी श्री शर्मा ने कहा कि पुलिस और समाज के बीच की यह भागीदारी ही एक सुरक्षित और संवेदनशील प्रदेश की नींव है। उन्होंने इन तीनों के कार्यों को पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा का पुंज बताया। श्री शर्मा ने कहा कि पुलिसिंग केवल अपराधियों को पकड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के साथ मिलकर एक सुरक्षित वातावरण बनाना भी है। उन्होंने प्रकाश प्रजापति, राम कश्यप और सिंधु बिनुजीत के कार्यों को अनुकरणीय बताया। इनके कार्यों का हुआ सम्मान श्री प्रकाश प्रजापति (सिरोही): 27 वर्षों से मानवता के अनन्य उपासकसिरोही के समाजसेवी प्रकाश प्रजापति पिछले 27 वर्षों से पुलिस और प्रशासन के ‘संकटमोचक’ बने हुए हैं। इन्होंने अब तक 1584 लावारिस एवं दुर्घटना में मृत शवों को निःशुल्क गंतव्य तक पहुँचाया और विधि-विधान से अंतिम संस्कार कर मानवता का फर्ज निभाया।कोरोना काल जब लोग अपनों को छूने से कतरा रहे थे, तब प्रकाश जी ने 360 कोरोना पॉजिटिव शवों का अंतिम संस्कार करवाया। स्वयं देहदान की घोषणा करने के साथ ही इन्होंने 19 अन्य लोगों को भी इस पुनीत कार्य के लिए प्रेरित किया है। श्री सुजीत कश्यप उर्फ राम कश्यप (झालावाड़): जीवन बचाने का जुनूनझालावाड़ के राम कश्यप ने कई मौकों पर ‘देवदूत’ बनकर लोगों की जान बचाई है। दिसंबर 2025 की कड़ाके की ठंड में झाड़ियों में लावारिस छोड़े गए एक नवजात की जान बचाकर उन्होंने न केवल अस्पताल पहुँचाया बल्कि पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराकर उसे कानूनी संरक्षण दिलाया।सड़क दुर्घटनाओं से लेकर मेले में हुए हादसों और कोटा रेफर किए गए गंभीर मरीजों के साथ ये साये की तरह खड़े रहे। वर्ष 2022 की बाढ़ के दौरान उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर 15-20 परिवारों को सुरक्षित निकाला। श्रीमती सिंधु बिनुजीत (उदयपुर): बच्चों के भविष्य की रक्षकसंभाग स्तरीय बाल सुरक्षा सलाहकार सिंधु बिनुजीत ने स्मार्ट पुलिसिंग और बाल संरक्षण की दिशा में ऐतिहासिक कार्य किया है। डूंगरपुर से शुरू हुआ उनका बाल मित्र थाना और सुरक्षित विद्यालय नवाचार आज पूरे उदयपुर रेंज में मिसाल है। उन्होंने वत्सल वार्ताओं के माध्यम से बच्चों और पुलिस के बीच के डर को आत्मीयता में बदल दिया।यूनिसेफ के साथ मिलकर इन्होंने बी.टी. कॉटन क्षेत्रों में होने वाले बाल श्रम और पलायन को रोकने में निर्णायक भूमिका निभाई, जिसकी सराहना स्वयं मुख्यमंत्री द्वारा भी की जा चुकी है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation सुरों की सरिता, सम्मान का सैलाब और ‘बड़े खाने’ में बॉस के हाथों लड्डुओं का जायका: आरपीए स्टेडियम में राजस्थान पुलिस स्थापना दिवस का भव्य समापन राजस्थान पुलिस स्थापना दिवस: सुरों की सरिता और बड़े खाने का ज़ायका: आरपीए स्टेडियम में राजस्थान पुलिस स्थापना दिवस का हुआ भव्य समापन