जयपुर। राजस्थान में इस साल बारिश ने इतिहास रच दिया है। मौसम विभाग के 125 साल पुराने आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में अब तक 715.2 मिमी वर्षा दर्ज की जा चुकी है। यह राज्य के इतिहास में दूसरा ऑल-टाइम हाई रिकॉर्ड है। इससे पहले वर्ष 1917 में 844.2 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। औसतन 435.6 मिमी बारिश वाले राजस्थान में यह आंकड़ा 64% अधिक है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव सामान्य मौसमी उतार-चढ़ाव नहीं, बल्कि जलवायु परिवर्तन का स्पष्ट संकेत है। 🌦️ 15 साल में 5 बार रिकॉर्ड तोड़ बारिश 1908 से 1975 के बीच 67 साल में केवल पांच बार औसत से अधिक बारिश हुई थी, लेकिन पिछले 15 वर्षों (2011–2025) में पांच बार राज्य टॉप-10 बारिश वाले वर्षों में शामिल हुआ है — 2011, 2019, 2022, 2024 और 2025। 🌧️ लगातार दो साल औसत से अधिक बारिश — 117 साल में पहली बार राजस्थान में 2024 और 2025 लगातार दो साल ऐसे रहे जब औसत से अधिक वर्षा दर्ज की गई। 2024: 678.4 मिमी (औसत से 56% अधिक) 2025: 715.2 मिमी (औसत से 64% अधिक) यह 117 वर्षों में पहली बार है जब मानसून दो साल लगातार इतना सक्रिय रहा। ☔ 55 साल बाद भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़ में टूटा अक्टूबर का रिकॉर्ड पश्चिमी विक्षोभ और मोन्था चक्रवात के असर से अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में दक्षिणी और पूर्वी राजस्थान में झमाझम बारिश हुई। भीलवाड़ा: 88 मिमी वर्षा (1970 के 47.6 मिमी रिकॉर्ड से 85% अधिक) चित्तौड़गढ़: 68 मिमी वर्षा (1974 के 57.2 मिमी रिकॉर्ड से 19% अधिक) मौसम विभाग के अनुसार, 1962 के बाद से यह अक्टूबर की सबसे अधिक वर्षा मानी जा रही है। 🌪️ तीन सिस्टम की टक्कर से हुई रिकॉर्ड बारिश जयपुर मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. राधेश्याम शर्मा ने बताया कि अक्टूबर की भारी बारिश का कारण तीन मौसमीय सिस्टम का एक साथ सक्रिय होना रहा— बंगाल की खाड़ी में उठा मोन्था चक्रवात अरब सागर में लो-प्रेशर सिस्टम उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ इन तीनों सिस्टम की संयुक्त क्रिया ने राजस्थान के कई जिलों में रिकॉर्ड-तोड़ बारिश करवाई। 🌦️ मानसून समय से पहले आया और गया वर्ष 2025 में मानसून 18 जून को ही राजस्थान पहुंच गया, जबकि सामान्य तारीख 25 जून होती है।वापसी भी एक सप्ताह पहले 24 सितंबर को हुई।पिछले साल (2024) भी यही ट्रेंड रहा — मानसून की एंट्री और रिटर्न दोनों एक सप्ताह पहले हुई। इसके बावजूद, दोनों सालों में औसत से कहीं अधिक वर्षा दर्ज की गई। 📉 औसत से 4–5 डिग्री कम दिन का तापमान वर्तमान में प्रदेश का दिन का तापमान औसत से 4 से 5 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया जा रहा है।रात का तापमान सामान्य से थोड़ा अधिक बना हुआ है।मौसम विभाग का अनुमान है कि 5 नवंबर तक हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है। 🌍 बदलता राजस्थान का मौसम — जलवायु परिवर्तन की दस्तक विशेषज्ञों के अनुसार, राजस्थान में वर्षा की तीव्रता, अवधि और आवृत्ति लगातार बढ़ रही है।अब कम बारिश वाले क्षेत्रों में भी भारी वर्षा की घटनाएं बढ़ी हैं।यह बदलाव हिंद महासागर डाइपोल (IOD), एल नीनो-ला नीना प्रभाव और वैश्विक जलवायु परिवर्तन से जुड़ा हुआ माना जा रहा है। 📈 डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मौसम अपडेट की मांग 400% बढ़ी मौसम विभाग के यूट्यूब, X (पूर्व ट्विटर) और फेसबुक पर किसानों और पंचायतों की क्वेरीज में पिछले सप्ताह 400% की वृद्धि दर्ज की गई है।लोगों द्वारा फोन कॉल्स और ऑनलाइन बुलेटिन से जानकारी लेने की संख्या दोगुनी हो गई है। 📊 वर्षवार तुलना वर्षऔसत वर्षा (मिमी)वास्तविक वर्षा (मिमी)अंतरविशेष टिप्पणी1917435.6844.2+94%सर्वाधिक वर्षा (ऑल-टाइम रिकॉर्ड)2024435.6678.4+56%औसत से ज्यादा, लगातार सक्रिय मानसून2025435.6715.2+64%इतिहास का दूसरा ऑल-टाइम रिकॉर्ड विशेषज्ञों का निष्कर्ष:राजस्थान का मौसम अब अपने पारंपरिक कैलेंडर से बाहर जा चुका है। अक्टूबर जैसी “ग़ैर-मानसूनी” महीनों में हो रही भारी बारिश स्पष्ट संकेत है कि राज्य में जलवायु परिवर्तन अब वास्तविकता बन चुका है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और सीईओ ने राष्ट्रीय एकता दिवस पर रेल भवन में रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई भीलवाड़ा में चोरों ने मंदिर का ताला काट कर चांदी का छत्र चुराया, भक्तों में आक्रोश