24 News Update उदयपुर। शहर में रेल यातायात को सुगम बनाने और ट्रेनों के बढ़ते दबाव को कम करने के लिए एक बड़ी परियोजना को मंजूरी मिल गई है। रेलवे बोर्ड ने देबारी स्टेशन से उमरड़ा स्टेशन के बीच लगभग 24.78 किलोमीटर लंबे डबल रेलवे ट्रैक के निर्माण को हरी झंडी दे दी है। यह परियोजना उत्तर-पश्चिम रेलवे के लिए स्पेशल रेलवे प्रोजेक्ट के रूप में अधिसूचित की गई है। रेलवे बोर्ड के इस फैसले से अब उदयपुर से जयपुर, कोटा, मध्यप्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र की दिशा में चलने वाली ट्रेनों को बड़ा लाभ मिलेगा। एकल ट्रैक के कारण अब तक कई बार ट्रेनों को रास्ते में रोककर दूसरे रेल संचालन को प्राथमिकता देनी पड़ती थी, जिससे यात्रियों को देरी का सामना करना पड़ता था। सर्वे और डीपीआर पूरीउत्तर-पश्चिम रेलवे के कंस्ट्रक्शन विभाग ने इस प्रोजेक्ट का विस्तृत सर्वे किया था, जिसमें ट्रैक बिछाने की संभावनाओं, पुलों, सुरंगों, भूमि अधिग्रहण, तथा आवश्यक इंजीनियरिंग ढांचे का अध्ययन किया गया। सर्वे रिपोर्ट और डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) रेलवे बोर्ड को सौंपी गई थी, जिसके बाद अब स्वीकृति मिल गई है। विकास और रोजगार के नए अवसरनई लाइन बनने से न केवल उदयपुर के पर्यटन और शिक्षा क्षेत्र को गति मिलेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और व्यावसायिक गतिविधियाँ भी बढ़ेंगी। उमरड़ा में रेलवे यार्ड और पिटलाइन शिफ्ट होने के प्रस्ताव के चलते स्टेशन की कार्यक्षमता बढ़ेगी। साउथ ट्रैफिक को भी राहतअहमदाबाद के कालूपुर स्टेशन से उदयपुर सिटी के बीच ट्रेन संचालन शुरू होने के बाद दक्षिण भारत की ट्रेनों का दबाव बढ़ गया है। डबल लाइन बनने से इस दबाव को नियंत्रित किया जा सकेगा। वर्तमान में उदयपुर सिटी स्टेशन पर सेकंड एंट्री बिल्डिंग, अतिरिक्त प्लेटफार्म और गोदाम स्टैंड का निर्माण भी जारी है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि डबल ट्रैक परियोजना के पूरा होने से उदयपुर का रेलवे नेटवर्क और भी मजबूत होगा तथा आने वाले वर्षों में यह शहर पश्चिमी भारत का एक महत्वपूर्ण रेलवे हब बनकर उभरेगा। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation मुमुक्षु आत्मा को गुरु के आशय को जानकर ही प्रवृत्ति करनी चाहिए : जैनाचार्य रत्नसेन सूरीश्वर महाराज धरती पर डॉक्टर ही ऐसा इंसान, जिसके पास लोग जिंदगी मांगने जाते है – राष्ट्रसंत पुलक सागर