24 News update udaipur राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारतीय संसद के उच्च सदन राज्यसभा के लिए चार नए नामित सदस्यों की घोषणा की है। इन नियुक्तियों में देश के चार प्रतिष्ठित क्षेत्रों – विधि, इतिहास, कूटनीति और सामाजिक सेवा – से जुड़े विशिष्ट व्यक्तियों को चुना गया है। नामित सदस्यों में प्रसिद्ध वकील उज्ज्वल निकम, ख्यात इतिहासकार डॉ. मीनाक्षी जैन, पूर्व विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला, और वरिष्ठ समाजसेवी सी. सदानंदन मास्टर शामिल हैं। इन चारों को राज्यसभा में उन सीटों पर नामित किया गया है जो पूर्व में नियुक्त सदस्यों के सेवानिवृत्त होने के बाद खाली हुई थीं। गृह मंत्रालय ने इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। नामित सदस्यों का संक्षिप्त परिचय: 🔹 उज्ज्वल निकम – देश के जाने-माने अभियोजन वकील के रूप में प्रसिद्ध उज्ज्वल निकम ने 1993 मुंबई धमाकों और 26/11 आतंकवादी हमलों जैसे कई बहुचर्चित मामलों में अभियोजन पक्ष का नेतृत्व किया। हाल ही में उन्होंने लोकसभा चुनावों में भाजपा उम्मीदवार के रूप में भी भाग लिया था। 🔹 डॉ. मीनाक्षी जैन – इतिहास लेखन और शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने वाली डॉ. जैन भारतीय इतिहास को सांस्कृतिक दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने के लिए जानी जाती हैं। उनकी कई पुस्तकों को शोध की दृष्टि से अत्यधिक मान्यता प्राप्त है। 🔹 हर्षवर्धन श्रृंगला – भारतीय विदेश सेवा के वरिष्ठ अधिकारी और पूर्व विदेश सचिव रहे श्रृंगला ने विदेश नीति निर्धारण में अहम भूमिका निभाई। वे भारत के अमेरिका में राजदूत और संयुक्त राष्ट्र में स्थायी प्रतिनिधि जैसे प्रमुख पदों पर भी कार्य कर चुके हैं। 🔹 सी. सदानंदन मास्टर – केरल से आने वाले सदानंदन मास्टर एक समर्पित समाजसेवी और शिक्षाविद् हैं। उन्होंने विशेष रूप से समाज के पिछड़े वर्गों की शिक्षा और सामाजिक कल्याण के लिए उल्लेखनीय कार्य किया है। राज्यसभा में नामांकन प्रक्रिया: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 80(3) के तहत, राष्ट्रपति को राज्यसभा में 12 सदस्यों को नामित करने का अधिकार है। ये नामांकन उन क्षेत्रों से किए जाते हैं जहां व्यक्तियों ने कला, साहित्य, विज्ञान, सामाजिक सेवा आदि में विशेष योगदान दिया हो। इसका उद्देश्य संसद में विविध क्षेत्रों के विशेषज्ञों की भागीदारी सुनिश्चित करना है ताकि विधायी कार्यों में उनकी विशेषज्ञता का लाभ मिल सके। सरकार इन नामों की सिफारिश राष्ट्रपति को करती है और राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद अधिसूचना जारी होती है। राज्यसभा की संरचना और कार्य: राज्यसभा भारतीय संसद का उच्च सदन है, जिसमें कुल 245 सदस्य होते हैं। इनमें 233 सदस्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से चुने जाते हैं और 12 सदस्य राष्ट्रपति द्वारा नामित किए जाते हैं। राज्यसभा के सदस्य 6 वर्ष के कार्यकाल के लिए चुने जाते हैं, और हर दो वर्ष में एक-तिहाई सदस्य सेवानिवृत्त होते हैं। इसका प्रमुख कार्य विधेयकों की समीक्षा और पारित करना है। दोनों सदनों द्वारा पारित विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद वह कानून का रूप लेता है। राज्यसभा के चुनाव की प्रक्रिया: राज्यसभा के सदस्यों का चुनाव सीधा नहीं, बल्कि अप्रत्यक्ष प्रणाली से होता है। हर राज्य और केंद्रशासित प्रदेश के विधानसभा के निर्वाचित विधायक राज्यसभा सदस्यों का चुनाव करते हैं। प्रत्येक राज्य में सीटों की संख्या के अनुसार अनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के तहत चुनाव संपन्न होता है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation केसरियाजी में सोने जैसी चमकती गुणों से भरपूर मशरूम की खोज जांबाज, निष्ठावान, सेवा और समर्पण की मिसाल वरिष्ठ भाजपा नेता दलपत सुराणा पंचतत्त्व में हुए विलीन, उठावणा आज शाम 5 बजे