24 News Update उदयपुर। संस्कार निर्माण गर्भ से ही शुरू हो जाता है। गर्भवती महिलाओं को चाहिए कि मोबाइल टीवी से दूर रहें। धार्मिक ग्रंथ और साहित्य पढ़े। धार्मिक ग्रंथ पढ़ने से संस्कार युक्त उत्तम संतान का जन्म होता है। जिस वृक्ष की जड़े मजबूत होती हैं वह बाढ़ में भी नहीं गिरता। इसी प्रकार हमारे संस्कार सुदृढ़ होते हैं तो चरित्र नहीं गिर सकता। सुदृढ़ चरित्र और संस्कारों के लिए धर्म का आश्रय लें। सुद्धरण चरित्र संस्कार और धर्म के आश्रय से ही महान व्यक्तित्व का निर्माण होता है।श्री वर्धमान जैन श्रावक समिति हिरण मगरी सेक्टर 3 में चातुर्मास के अंतर्गत आयोजित धर्म सभा में यह बात रविवार को साध्वी मणिप्रभा जी ने कही। यहां सद्गुरुवर्या यश कंवर जी महाराज साहब की शिष्या साध्वी मणिप्रभाजी, साध्वी सुप्रभा जी, साध्वी रुचिका जी, साध्वी सुमनप्रभा जी चातुर्मास साधना में लीन हैं। प्रतिदिन करीब 400 श्रावक श्राविकाएं साध्वियों के प्रवचनों का लाभ उठा रहे हैं। साध्वी मणिप्रभा जी ने कहा कि छत्रपति शिवाजी की माता जीजाबाई उनको बचपन से ही श्रीमद् भागवत आदि धार्मिक ग्रंथों के संस्कारों से शिक्षित करती थी। धार्मिक संस्कारों का ही परिणाम था कि छत्रपति शिवाजी जैसे महानायक व्यक्तित्व का निर्माण हुआ। चातुर्मास का शाश्वत संदेश जीव मात्र के प्रति दया और अहिंसा है। जैन धर्म भाईचारे की शिक्षा देता है।संस्कारों के पतन से आ रही है सामाजिक विकृतिसाध्वी ने कहा कि आज जो घर परिवारों में कलह है बढ़ रहे हैं, मानवीय मूल्यों में गिरावट आ रही है इन सब का कारण संस्कारों का पतन है। श्रेष्ठ व्यक्तित्व, समाज और राष्ट्र के निर्माण के लिए बालक को बचपन से ही श्रेष्ठ संस्कार प्रदान करें। श्रेष्ठ संस्कारों के लिए धर्म का आश्रय ही सर्वोच्च साधन और मार्ग है।शिविर में बच्चे सीख रहे हैं उच्च मूल्य युक्त जीवन जीने की कलाचातुर्मास संयोजक श्यामलाल झगड़ावत ने बताया कि प्रतिदिन धर्म सभा के साथ प्रत्येक रविवार को बच्चों के लिए संस्कार शिविर का आयोजन किया जा रहा है। शिविर में बच्चों को माता-पिता व गुरुजनों का सम्मान करने, धर्म के अनुसार आचरण करने, सत्य का अनुसरण करने आदि की शिक्षाएं दी जा रही हैं। जिससे बच्चे उच्च मूल्य युक्त जीवन जी सकें। बड़ी संख्या में बच्चे उत्साहपूर्वक शिविर में भाग ले रहे हैं। मधु झगड़ावत और तनिष्क गांधी आदि की पचकान तपस्या जारी है। बेगू, चित्तौड़गढ़,भीलवाड़ा वल्लभनगर, निंबाहेड़ा, खेरवाड़ा डूंगला, कदवास आदि स्थानों से भी बड़ी संख्या में समाज जन धर्म सभा में सत्संग का लाभ उठाने के लिए आ रहे हैं। संघ अध्यक्ष आनंदी लाल बंबोरिया, रोशन लाल कोठारी, प्रकाश झगड़ावत और ललित कोठारी ने उप नगरों से आ रहे श्रावक श्राविकाओ से तेले तप करने के लिए निवेदन किया। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation जो मिला है उसमें खुश रहो, दूसरों से जलकर कुछ मिलने वाला नहीं है – पुलक सागर जर्जर स्कूल भवनों को लेकर मावली में आपात बैठक, एसडीएम ने दिए सख्त निर्देश, विद्यालयों की संरचनात्मक सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, दो दिन में मांगी रिपोर्ट