24 News Update उदयपुर. शहर में साहित्य, संगीत, कविता, शायरी और गीतों वाध्ययंत्रों के शौकीनों के लिए बीते 15 वर्षों से एक सशक्त मंच बन चुका शायराना उदयपुर, इस बार भी अपनी संगीत कार्यक्रम के माध्यम से कला और भावनाओं का अद्भुत संगम लेकर आया। ऐश्वर्या कॉलेज के प्रांगण में आयोजित इस कार्यक्रम में न केवल शेरो-शायरी और मधुर गीतों की गूंज रही, बल्कि कलाकारों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों ने पूरे माहौल को राष्ट्रप्रेम के रंग में रंग दिया। कार्यक्रम की शुरुआत श्रीमती आभा सिरसीकर ने सरस्वती वंदना के साथ की, जिसने दर्शकों की आंखों में नमी ला दी। इसके बाद जाने-माने सैक्सोफोन वादक केलवा के श्री छोटू लाल ने सैक्सोफोन पर “यह देश है वीर जवानों की…” “हे दुनिया उसी की…..” धुनें निकालकर हाल में उपस्थित सदस्यों को झूमने पर मजबूर कर दिया था कोटा, राजसमंद आदि क्षेत्रों से आए कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को चार चांद लगा दिए। शेरो-शायरी में जहां जीवन की गहराइयों और प्रेम की भावनाओं को छुआ गया, वहीं देशभक्ति गीतों ने हर श्रोता के दिल में मातृभूमि के प्रति गर्व और समर्पण की भावना भर दी। शहर के युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों तक ने, सभी ने मंच पर अपने हुनर का प्रदर्शन कर यह सिद्ध किया कि कला न उम्र देखती है, न सीमा। श्रोताओं ने बार-बार तालियों की गूंज से कलाकारों का हौसला बढ़ाया। उदयपुर निवासी वर्तमान में इराक के राजदूत श्री धीरज जी जोशी साहब का पूरे समारोह को लाइव संबोधित करना सभी के लिए गौरवान्वित और यादगार पल रहा मुख्य अतिथि डॉक्टर अजय मुर्दिया फौजी की वेशभूषा में कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित हुए और उन्होंने एक देशभक्ति का गीत प्रस्तुत कर आमजन को देशभक्ति की भावना में डुबो दिया, इस अवसर पर ऐश्वर्या कॉलेज की प्रबंध निदेशक डॉक्टर सीमा सिंह ने भी अपने गायन से सभी को भाव विभोर कर दिया, विशिष्ट अतिथि श्री हरीश राजानी ने हर दिल में देशभक्ति का यह जज्बा कायम रखने की अपील की और उन्होंने भारतीय सेना के शौर्य और साहस की भूरि भूरि प्रशंसा की, विशिष्ट अतिथि श्रीमती कविता पाठक, अतिरिक्त आयुक्त वाणिज्य कर ने इस अवसर पर युवाओं में देशभक्ति की भावना से कार्य करने की बात कह कर समाज को जागृत करने का आह्वान किया समारोह की अध्यक्षता ऐश्वर्या कॉलेज की डायरेक्टर एवं शिक्षविद श्रीमती सीमा सिंह ने की और अतिथि के रूप में एडिशनल एसपी हितेष मेहता] आरएएस अधिकारी कविता पाठक] पूर्व राज्य मंत्री एवं सिंधी अकादमी अध्यक्ष हरीश राजानी थे। मुख्य अतिथि आई वी एफ किंग एवं फिल्म निर्माता डॉ0 अजय मुर्डिया थे। वृक्षम अमृतं संस्थान के गोपेश शर्मा ने सभी अथितियो का उपरना से स्वागत किया राष्ट्रीय स्तर के कवि सिद्धार्थ देवल ने वीर रस की कविताएं पढ़ी तो श्रोताओ के रोंगटे खड़े हो गये महाराणा प्रताप और भारत की सेना के शौर्य पर रोंगटे खड़ी करने वाली कविताओं से जोश उमंग भर दिया शहर के जाने-माने कवि प्रकाश नागौरी ने अपने उपस्थिति से समारोह को काव्यांगन बना दिया । आईटी एक्सपर्ट विनोद रंगवानी ने देश प्रेम पर लिखी कविता का वाचन किया। जिसका शीर्षक था&उद्गार है साहब] अल्फाजों की यलगारी करते है] ना दिन देखते हैं ना रात किसी भी वक्त बस यायावरी करते हैं, मेवाड़ के जाने-माने संगीतज्ञ रामकृष्ण बॉस ने वाद्य यंत्रों से वीर रस के सूर और ताल के विविध आयामों को श्री मुख से जीवंत प्रस्तुति दी संगीत उस्ताद फैयाज खान ने जहां डाल-डाल पर सोने की चिड़िया करती है बसेरा गाकर देशभक्ति का समां बांध दिया फैयाज खान साहब ने अपनी शागिर्द राकेश माथुर के साथ जुगलबंदी प्रस्तुत की ऐसा सामा बांदा की समझ में सभी खड़े होकर करतल ध्वनि से दोनों का सम्मान किया इतना ही नहीं दोनों की जुगलबंदी को देखकर एडिशनल एसपी हितेश मेहता भी स्वयं को रोक नहीं पाए और तुरंत मंच पर जाकर उनकी जुगलबंदी में समाहित हो गए कार्यक्रम की शुरुआत में श्री योगेश उपध्याय ने- “ऐसा देश है मेरा…..” और विकास सोनी ने “जहां डाल-डाल पर सोने की चिड़िया….” गाकर देशभक्ति का समां बांध दिया, डॉक्टर सीमा वेद ने राष्ट्रभक्ति पर मुक्तक सुनाए…. वहीं प्रीति माथुर ने “दिल है छोटा सा….” हेमंत सूर्यवंशी ने “ए देश मेरे, तेरी जान के सदके….” सुन कर खूब तालियां बटोरी, नरेंद्र उत्पल चौहान तथा मनोज गीतंकर ने “संदेशे आते है…..” तथा ललित गोयल ने “मेरा मुल्क मेरा देश …..” गाकर जीवंत प्रस्तुति दी इस अवसर पर बिनु वैष्णव, चंद्र प्रकाश गंधर्व, मनीष जोशी, नारायण सालवी, महमूद खान, ओमान शेख, अंबालाल साहू, विकास गोड, निश्चित चपलोत, पत्रकार हितेश शर्मा, मनीष सेवक, असद खान और गुलज़ार एवं विष्णु जी वैष्णव ने भी अपनी शानदार प्रस्तुतियां दी, चिकित्सा विभाग की श्रीमती लक्ष्मी आसानी एवं नर्सिंग ऑफिसर श्री पवन पारीक ने अपने गायकी से समां बांध दिया अंत में कार्यक्रम प्रभारी श्री मोहन सोनी ने बताया कि हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में भारतीय सेना ने जिस अदम्य शौर्य और साहस के साथ जौहर दिखाया उस पराक्रम को यादगार बनाने के लिए शायराना परिवार द्वारा आज का यह कार्यक्रम आहूत किया गया था, श्री सोनी ने स्वयं “ए मेरे प्यारे वतन ए मेरे बिछड़े चमन….” गाकर लोगों की आंखों में आंसू ला दिए शायराना उदयपुर की यह संध्या न केवल एक सांस्कृतिक आयोजन थी, बल्कि यह एकता, प्रेम और देशभक्ति का उत्सव भी बन गई, जिसे लंबे समय तक शहरवासी याद रखेंगे। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation राजस्थान पत्रिका को बहुत बड़ा झटका : विजय शर्मा को मजीठिया वेतन माँगने पर बर्खास्त करना पड़ा महंगा, हाईकोर्ट ने सेवा बहाली और पूर्ण लाभ देने का आदेश दिया शिक्षक भर्ती-2022: 1260 छाया पद सृजित करने की मांग, मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा