जोधपुर, 1 अक्टूबर। — जोधपुर ग्रामीण पुलिस ने वर्क फ्रॉम होम के नाम पर युवतियों को अपने जाल में फंसाकर ब्लैकमेल करने और दुष्कर्म करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस की साइबर सेल ने तकनीकी जांच के आधार पर मुंबई से गिरोह के मुख्य आरोपी समेत दो युवकों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान फैजान अहमद (23) निवासी शिवाजी नगर, मानखुर्द, मुंबई और आमीर हुसैन (24) के रूप में हुई है। पुलिस जांच में आरोपियों के मोबाइल फोन से करीब 30 लड़कियों के निजी अश्लील वीडियो और चैटिंग बरामद हुई है। इसके अलावा 200 से अधिक लड़कियों का डेटा भी पुलिस के हाथ लगा है। इनमें राजस्थान की करीब 10 और मुंबई की 50 से अधिक युवतियां शामिल बताई गई हैं। पुलिस अब इस डेटा के आधार पर अन्य संभावित पीड़िताओं तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। स्नैपचैट पर वर्क फ्रॉम होम का विज्ञापन देकर शुरू किया संपर्क जोधपुर ग्रामीण एसपी पंकज यादव के अनुसार, 31 अगस्त 2026 को 18 वर्षीय एक पीड़िता ने महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि करीब एक साल पहले उसने स्नैपचैट पर वर्क फ्रॉम होम का विज्ञापन देखा था। विज्ञापन पर क्लिक करने के बाद आरोपियों ने उससे संपर्क किया और नौकरी के नाम पर आईडी प्रूफ तथा हस्ताक्षर हासिल कर लिए। शुरुआत में उसे फ्लिपकार्ट और अमेजॉन जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर रिव्यू देने तथा इंस्टाग्राम रील्स को लाइक और शेयर करने के छोटे-छोटे टास्क दिए गए। इससे पीड़िता को भरोसे में लेने के बाद आरोपियों ने अधिक पैसे कमाने का लालच दिया और धीरे-धीरे निजी फोटो और वीडियो हासिल कर लिए। निजी वीडियो हाथ लगते ही शुरू हुआ ब्लैकमेलिंग का खेल पुलिस के मुताबिक, पीड़िता की निजी तस्वीरें और वीडियो हासिल करने के बाद आरोपियों ने उन्हें वायरल करने की धमकी देना शुरू कर दिया। वीडियो परिवार और सोशल मीडिया पर भेजने की धमकी देकर उससे पैसे ऐंठे जाने लगे। पीड़िता लगातार दबाव और ब्लैकमेलिंग से परेशान होती रही। पुलिस के अनुसार दिसंबर 2025 में मुख्य आरोपी जोधपुर आया और पीड़िता को एक होटल में बुलाया। आरोप है कि वहां उसके साथ दुष्कर्म किया गया। इसके बाद भी आरोपी लगातार उसे ब्लैकमेल करते रहे। आखिरकार परेशान होकर पीड़िता ने पुलिस से संपर्क किया और शिकायत दर्ज कराई। तकनीकी जांच से मुंबई तक पहुंची पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए जोधपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक पंकज यादव ने विशेष टीम का गठन किया। साइबर सेल ने शिकायत से जुड़े मोबाइल नंबर, सोशल मीडिया अकाउंट और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच शुरू की। जांच के दौरान आरोपियों की गतिविधियों और लोकेशन के तार मुंबई से जुड़े मिले। इसके बाद पुलिस टीम मुंबई पहुंची और आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू की। पुलिस ने करीब दो दिन तक वेश बदलकर रेकी की। आरोपियों को भनक न लगे, इसके लिए टीम ने अलग-अलग तरीके अपनाए। गैस सिलेंडर डिलीवरी बॉय बनकर पकड़ा मुख्य आरोपी पुलिस टीम ने 18 सितंबर को मुख्य आरोपी फैजान अहमद को पकड़ने के लिए गैस सिलेंडर डिलीवरी बॉय का रूप धारण किया। रेकी के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने गिरोह से जुड़े दूसरे आरोपी आमीर हुसैन को भी 28 सितंबर को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों से पूछताछ के दौरान पुलिस को गिरोह के काम करने के तरीके और संभावित पीड़िताओं से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। पुलिस अब बरामद मोबाइल, चैटिंग, वीडियो और डेटा की जांच कर रही है। मोबाइल में मिले 30 लड़कियों के वीडियो एसपी पंकज यादव के मुताबिक, आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच में करीब 30 लड़कियों के निजी अश्लील वीडियो और उनके साथ की गई चैटिंग मिली है। आरोपियों ने एक कंपनी के नाम से प्रोफाइल भी बना रखी थी। इसी पहचान के जरिए युवतियों को नौकरी और ऑनलाइन काम का झांसा देकर संपर्क किया जाता था। पुलिस को आरोपियों के पास 200 से अधिक लड़कियों का डेटा मिला है। इनमें राजस्थान और मुंबई की युवतियों के अलावा अन्य स्थानों की लड़कियों का डेटा भी होने की आशंका है। पुलिस इस डेटा की जांच कर यह पता लगाने में जुटी है कि इनमें से कितनी युवतियां आरोपियों के सीधे संपर्क में थीं और कितनों को ब्लैकमेल किया गया। मुंबई के मरीन ड्राइव थाने में भी दर्ज है मामला पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह के खिलाफ मुंबई के मरीन ड्राइव थाने में भी मामला दर्ज है। इससे पुलिस को आशंका है कि आरोपियों की गतिविधियां केवल जोधपुर तक सीमित नहीं थीं। पुलिस अब दोनों आरोपियों से पूछताछ कर उनके नेटवर्क और अन्य संभावित सहयोगियों के बारे में जानकारी जुटा रही है। महिला थाना पुलिस संभावित पीड़िताओं और उनके परिजनों से संपर्क कर उनकी काउंसलिंग तथा आवश्यक कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर मामले में आगे कार्रवाई की जाएगी। एसपी की युवाओं से अपील जोधपुर ग्रामीण एसपी पंकज यादव ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर वर्क फ्रॉम होम या ऑनलाइन नौकरी से जुड़े किसी भी अनजान विज्ञापन पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। नौकरी या ऑनलाइन काम के नाम पर किसी अनजान व्यक्ति को आधार कार्ड, पहचान पत्र, बैंक संबंधी जानकारी, फोटो, निजी वीडियो या ओटीपी जैसी संवेदनशील जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति निजी फोटो या वीडियो के जरिए ब्लैकमेल करता है तो डरकर पैसे देने के बजाय तत्काल पुलिस से संपर्क करें। साइबर अपराध की स्थिति में 1930 हेल्पलाइन या साइबर क्राइम पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News 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