24 news Update उदयपुर। भारतीय जनता पार्टी शहर जिला उदयपुर द्वारा पटेल सर्कल स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में वस्तु एवं सेवा कर (GST) के सफर और हाल ही में लागू हुए Next Gen GST सुधारों पर विस्तृत रूप से चर्चा की गई। प्रेस वार्ता के दौरान जनप्रतिनिधियों ने इस ऐतिहासिक आर्थिक सुधार को आम जनमानस तक पहुंचाने का संदेश दिया।
GST का सफर और ऐतिहासिक प्रगति
भारत में वस्तु एवं सेवा कर की अवधारणा सबसे पहले वर्ष 2000 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार द्वारा प्रस्तुत की गई थी। इसके बाद 2011 में संविधान का 115वाँ संशोधन विधेयक लोकसभा में प्रस्तुत किया गया था। लेकिन राजनीतिक सहमति न मिलने के कारण यह लंबा समय तक अधर में रहा।
वर्ष 2014 में नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में यह पहल फिर से सक्रिय हुई और दिसंबर 2014 में संविधान का 122वाँ संशोधन विधेयक पारित हुआ। अगस्त 2016 में राज्यसभा ने भी इसे मंजूरी दी। इसके बाद GST काउंसिल का गठन किया गया और 1 जुलाई 2017 से भारतभर में GST लागू हुआ।
अब तक करीब 50 से अधिक GST काउंसिल की बैठकों के माध्यम से टेक्स संरचना को लगातार सरलीकृत किया गया और जनता के लिए राहतकारी कदम उठाए गए।
प्रधानमंत्री मोदी की अगुवाई में हुए महत्वपूर्ण सुधार
3 सितम्बर 2025 को आयोजित 56वीं GST काउंसिल बैठक में सरकार ने GST दरों को और अधिक सरल व पारदर्शी बनाने के लिए बड़े सुधार लागू किए।
- पहले चार दरें (5%, 12%, 18%, 28%) थीं, जिन्हें अब मात्र दो दरों (5% और 18%) में समाहित कर दिया गया। विलासिता व तंबाकू उत्पादों पर विशेष रूप से 40% कर लागू किया गया।
- दैनिक उपयोग की वस्तुएं जैसे साबुन, टूथपेस्ट, शैम्पू, पेंसिल, कॉपियाँ आदि पर अब केवल 5% या शून्य कर लागू किया गया।
- कृषि उपकरण जैसे ट्रैक्टर, कीटनाशक, टायर और सिंचाई उपकरण पर भी कर दरें घटाकर 5% की गईं।
- स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए स्वास्थ्य बीमा, दवाइयाँ, ऑक्सीजन सिलेंडर आदि पर जीएसटी पूरी तरह हटा दिया गया।
- वाहन क्षेत्र में कार व बाइक पर 28% की जगह केवल 18% कर लागू किया गया।
आर्थिक व सामाजिक प्रभाव
- करदाता संख्या में वृद्धि हुई – पहले 65 लाख करदाता थे, अब बढ़कर 1.5 करोड़ से अधिक हो गए हैं।
- जीएसटी संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि हुई – 2017 में लगभग ₹11 लाख करोड़ था, जो अब ₹22.08 लाख करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गया है। अप्रैल-अगस्त 2025 में ₹10.04 लाख करोड़ का संग्रह हुआ।
- इस सुधार से न केवल करदाता वर्ग को सुविधा मिली है, बल्कि हर परिवार के हाथ में अतिरिक्त पैसा भी पहुंचा है।
राजनीतिक संदेश
भाजपा ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में लागू किया गया यह सुधार –
- ‘एक देश, एक कर’ के आदर्श को साकार कर रहा है।
- कर प्रणाली को पहले की जटिल व्यवस्था से सरल, पारदर्शी और समावेशी बनाया गया है।
- आम जनता, किसान और व्यवसायी वर्ग के लिए आर्थिक बोझ में कमी की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
जनप्रतिनिधियों ने प्रेस वार्ता के माध्यम से मीडिया प्रतिनिधियों से अपील की कि वे इस सकारात्मक बदलाव को व्यापक रूप से प्रचारित करें, ताकि जनता तक प्रधानमंत्री मोदी जी की योजनाओं का लाभ प्रभावी रूप से पहुँच सके।
Discover more from 24 News Update
Subscribe to get the latest posts sent to your email.