24 न्यूज अपडेट. उदयपुर। उदयपुर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां पूर्व सरकारी टीचर सविता (45) ने अपनी बेटी की मौत के सदमे में आत्महत्या कर ली। इस घटना में उनकी करीबी सहेली आदित्या (24) ने भी जान दे दी, लेकिन उसके आत्महत्या करने का कारण अब तक स्पष्ट नहीं हो सका है। दोनों के शव फतहसागर झील में मिले। यह घटना अंबामाता क्षेत्र की है। मामले की जांच और घटनाक्रम जांच अधिकारी अंबामाता थाने के हेड कांस्टेबल भरत सिंह के अनुसार, डूंगरपुर के बिच्छीवाड़ा निवासी सविता हड़ात और उनकी साथी आदित्या खराड़ी के शव स्वरूप सागर लिंक नहर के पास फतहसागर झील में मिले। मंगलवार सुबह सविता का शव बरामद हुआ, जबकि शाम को आदित्या का शव मिला। प्रारंभिक जांच में यह प्रतीत होता है कि दोनों ने एक साथ आत्महत्या की। आत्महत्या के कारणों की जांच जारी है। बेटी की बीमारी और मृत्यु बनी आत्महत्या का कारण? सविता की बेटी आस्था (12) दुर्लभ गुइलेन-बैरे सिंड्रोम (GBS) से पीड़ित थी। इस बीमारी में सांस लेने में दिक्कत और हाथ-पैर सुन्न होने की समस्या होती है। आस्था मावली के नवोदय विद्यालय में पढ़ती थी, और उसका इलाज उदयपुर, जयपुर, और जोधपुर में कराया गया था, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। 23 फरवरी की रात, आस्था की तबीयत सलूंबर में अचानक बिगड़ गई। स्थानीय अस्पताल में डॉक्टरों ने बताया कि उसकी धड़कन नहीं चल रही थी। इसके बाद सविता, उनकी सहकर्मी आदित्या और पति दीताराम उसे लेकर उदयपुर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने आस्था को मृत घोषित कर दिया। बेटी की मौत का सदमा सविता के लिए असहनीय हो गया। गुमशुदगी और झील में मिले शव बेटी का शव लेकर सविता और परिवार के सदस्य डूंगरपुर लौट रहे थे। रास्ते में उदियापोल बस स्टैंड के पास सविता ने वॉशरूम जाने का बहाना बनाया और आदित्या के साथ गाड़ी से उतर गई। जब वे वापस नहीं लौटीं, तो काफी खोजबीन के बाद दीताराम ने सूरजपोल थाने में उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई। मंगलवार सुबह पुलिस को झील में एक शव मिला, जिसकी पहचान दीताराम ने अपनी पत्नी सविता के रूप में की। शाम को उसी स्थान पर आदित्या का शव भी बरामद हुआ। सुसाइड नोट में संपत्ति बंटवारे और बेटे की शादी की इच्छा सविता एक सुसाइड नोट छोड़ गईं, जिसमें उन्होंने अपने परिवार की संपत्ति के बंटवारे, लेन-देन का विवरण और सम्पन्न परिवार में बेटे की शादी कराने की इच्छा जताई। हालांकि, आदित्या ने क्यों आत्महत्या की, यह अब भी रहस्य बना हुआ है। सविता का राजनीतिक सफर और करियर सविता सलूंबर के मीनाक्षी कॉलेज में टीचर थीं, जहां आदित्या भी उनके साथ काम करती थी। दिलचस्प बात यह है कि सविता 2023 में उदयपुर की खेरवाड़ा विधानसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ चुकी थीं। इससे पहले, उन्होंने आम आदमी पार्टी से भी विधानसभा चुनाव लड़ा था। वह सरकारी नौकरी छोड़कर एक निजी कॉलेज में पढ़ाने लगी थीं और हाल ही में महिला एवं बाल विकास विभाग में आईसीडीएस सुपरवाइजर के पद पर चयनित हुई थीं। उनकी पोस्टिंग एक महीने में होने वाली थी। अनसुलझे सवाल और पुलिस की जांच पुलिस इस रहस्यमयी आत्महत्या मामले की जांच कर रही है। प्रमुख सवाल यह हैं: क्या सविता और आदित्या ने एक साथ आत्महत्या करने की योजना बनाई थी? बेटी की मौत के बाद सविता के आत्महत्या करने की वजह समझ में आती है, लेकिन आदित्या ने ऐसा क्यों किया? क्या यह आत्महत्या का मामला है, या इसमें कोई और एंगल भी हो सकता है? Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation सीबीएसई : दसवीं की परीक्षा साल में दो बार कराने की तैयारी, सप्लीमेंट्री होगी खत्म, मांगे सुझाव लेकसिटी में 55 केंद्रों पर 1584 सरकारी गुरूजी 792 कमरों में करवाएंगे रीट परीक्षा, प्राइवेट स्कूल सेंटर मगर गुरूजी 100 % सरकारी