
24 News Update उदयपुर। राजस्थान कृषि महाविद्यालय, उदयपुर में राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण, राष्ट्रबोध और सामाजिक उत्तरदायित्व को केंद्र में रखते हुए विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में युवाओं से स्वामी विवेकानंद के विचारों को आत्मसात कर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया। मुख्य अतिथि उदयपुर सांसद डॉ. मन्ना लाल रावत ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि “मैं ही भारत हूं—यह भाव प्रत्येक युवा के हृदय में निरंतर धड़कना चाहिए।” उन्होंने स्वामी विवेकानंद के अमर संदेश “उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक रुको मत” को जीवन का मूलमंत्र बनाने पर बल दिया।
डॉ. रावत ने कहा कि कृषि के विद्यार्थी स्वदेशी, आत्मनिर्भरता और ग्रामीण विकास की दिशा में समाज को प्रेरित कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी युवाओं को आजादी के अमृतकाल की अमृत पीढ़ी मानते हैं और यह जिम्मेदारी युवाओं के आचरण व कार्य से सिद्ध होनी चाहिए।
उन्होंने स्वामी विवेकानंद की आध्यात्मिक यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि सकारात्मक लोगों का मौन समाज के लिए घातक होता है, इसलिए युवाओं को हर मंच पर सजग एवं सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
युवा चेतना रैली से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम से पूर्व महाविद्यालय परिसर से विद्यार्थियों की एक जागरूकता रैली निकाली गई, जो सूरजपोल चौराहे से होते हुए महाविद्यालय के नूतन सभागार पहुंची। इसके पश्चात मुख्य अतिथि डॉ. मन्ना लाल रावत एवं विशिष्ट अतिथि सुन्दर लाल कटारिया (प्रान्त सह मंत्री, विश्व हिन्दू परिषद) का स्वागत महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. मनोज कुमार महला द्वारा किया गया।
अधिष्ठाता डॉ. महला ने सांसद से जनजाति बाहुल्य मेवाड़ क्षेत्र में केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना को आगामी केंद्रीय बजट में शामिल कराने का आग्रह किया, जिससे क्षेत्र के कृषि विकास को राष्ट्रीय योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ मिल सके।
स्वामी विवेकानंद का जीवन जीवन-दर्शन आज भी प्रासंगिक – कटारिया
विशिष्ट अतिथि सुन्दर लाल कटारिया ने स्वामी विवेकानंद के जीवन प्रसंगों का उल्लेख करते हुए युवाओं से चरित्र निर्माण पर बल दिया। उन्होंने शिकागो विश्व धर्म सम्मेलन में स्वामी विवेकानंद के ऐतिहासिक संबोधन, गुरु रामकृष्ण परमहंस, मां काली की साधना तथा खेतड़ी के महाराजा अजित सिंह के साथ आध्यात्मिक संवादों का उल्लेख किया।
उन्होंने “दरिद्र नारायण भवः” के संदेश को सामाजिक समरसता का आधार बताया।
550 से अधिक विद्यार्थियों की सहभागिता
महाविद्यालय के सहायक अधिष्ठाता (छात्र कल्याण) डॉ. एस.एस. लखावत ने जानकारी दी कि इस अवसर पर “स्वामी विवेकानंद के दर्शन एवं विचारों का युवा व्यक्तित्व पर प्रभाव” विषय पर व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया, जिसमें विश्वविद्यालय के सभी संघटक महाविद्यालयों के लगभग 550 विद्यार्थियों, अधिष्ठाताओं, निदेशकों, विभागाध्यक्षों, संकाय सदस्यों एवं कर्मचारियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम में खाद्य एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. लोकेश गुप्ता, विश्वविद्यालय नोडल अधिकारी डॉ. विनोद यादव, डॉ. सिद्धार्थ मिश्रा, डॉ. कपिल देव आमेटा, डॉ. जगदीश चौधरी, डॉ. जी.एल. मीना, डॉ. अमित दाधिच, डॉ. हरिसिंह मीणा, डॉ. धर्मपाल सिंह डूंडी, डॉ. रामनारायण कुम्हार, डॉ. सी.पी. नामा सहित अनेक संकाय सदस्य उपस्थित रहे।
Discover more from 24 News Update
Subscribe to get the latest posts sent to your email.