(रिपोर्ट: 24 न्यूज अपडेट, उदयपुर) राजस्थान के उदयपुर जिले के डबोक थाना क्षेत्र में एक मासूम की हत्या ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। चार साल के मासूम को बेरहमी से मारने वाली कोई और नहीं, बल्कि उसकी अपनी मां ही निकली। पुलिस जांच के बाद यह सनसनीखेज खुलासा हुआ कि पारिवारिक कलह के चलते मां ने ही अपने बच्चे को कुएं में फेंककर उसकी हत्या कर दी।
डबोक थाना पुलिस ने इस गुत्थी को सुलझाते हुए आरोपी मां लीला उर्फ उदी (पत्नी उदय लाल गाडरी, निवासी भमरासिया, थाना डबोक) को गिरफ्तार कर लिया है। यह वारदात 8 मार्च की है, जब पहले तो बच्चे के लापता होने की सूचना दी गई थी, लेकिन कुछ ही घंटों बाद उसकी लाश कुएं में तैरती मिली।
हत्या की उलझी गुत्थी: मां का झूठ बेनकाब
घटना का खुलासा तब हुआ जब दरोली गांव के निवासी मोहन गाडरी ने 9 मार्च को पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाई। रिपोर्ट के मुताबिक, मोहन की शादी करीब 6-7 साल पहले लीला से हुई थी। इस शादी से उनके दो बच्चे हुए—बेटा किशन और एक बेटी। लेकिन मोहन और लीला के रिश्ते में तनाव बढ़ता गया। घरेलू विवाद इस हद तक बढ़ गया कि करीब तीन महीने पहले लीला अपने मायके चली गई। हाल ही में, वह वापस लौटी थी और परिवार के साथ रहने लगी थी।
8 मार्च की सुबह मोहन अपने दोस्त के साथ खडोदा चला गया था। दोपहर करीब 4:30 बजे लीला ने उसे फोन कर रोते हुए बताया कि उनका बेटा किशन अचानक कहीं लापता हो गया है। यह सुनते ही मोहन घबरा गया और तुरंत अपने गांव लौट आया। गांववालों की मदद से उसने अपने बेटे की तलाश शुरू कर दी।
करीब डेढ़ घंटे की तलाश के बाद शाम 6 बजे गांव के ही एक व्यक्ति ने मोहन के कुएं में बच्चे का शव तैरता हुआ देखा। जब शव को बाहर निकाला गया, तो पुष्टि हुई कि वह किशन ही था। इस घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसर गया, लेकिन किसी को इस बात का अंदाजा नहीं था कि यह हत्या का मामला है।
पुलिस की पैनी नजर और गहरी छानबीन
पहले तो पुलिस को यह मामला हादसा लगा। लेकिन जब डबोक थाना प्रभारी हुकम सिंह के नेतृत्व में जांच शुरू हुई, तो कई ऐसी बातें सामने आईं, जिनसे पुलिस को शक हुआ कि यह हादसा नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या है।
एसपी गोयल के निर्देश पर एएसपी अंजना सुखवाल और सीओ मावली मनीष कुमार (IPS) की सुपरविजन में एक विशेष टीम बनाई गई। टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और परिवार व आसपास के लोगों से गहन पूछताछ शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस को यह पता चला कि लीला और मोहन के बीच लंबे समय से झगड़े हो रहे थे। तीन महीने पहले वह गुस्से में अपने मायके चली गई थी और कुछ दिन पहले ही लौटी थी। जब पुलिस ने लीला से सख्ती से पूछताछ की, तो उसकी बातों में बार-बार विरोधाभास नजर आया।
तकनीकी जांच और आस-पड़ोस के लोगों से मिली जानकारी के बाद पुलिस को यकीन हो गया कि किशन की मौत हादसा नहीं, बल्कि हत्या है।
सच उगलने पर मजबूर हुई मां
जब पुलिस ने लीला को हिरासत में लेकर गहराई से पूछताछ की, तो वह टूट गई और पूरी सच्चाई बयां कर दी। उसने कबूल किया कि उसने ही अपने बेटे को कुएं में फेंका था।
लीला ने बताया कि उसका अपने पति मोहन से अक्सर झगड़ा होता था। वह मोहन और उसके परिवार से तंग आ चुकी थी। उसे लगता था कि उसकी जिंदगी बर्बाद हो गई है और उसे कोई सम्मान नहीं देता। इसी गुस्से में आकर उसने अपने चार साल के मासूम बेटे किशन को कुएं में फेंक दिया, जिससे उसकी डूबकर मौत हो गई।
गिरफ्तारी और आगे की कार्रवाई
लीला के जुर्म कबूल करने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। इस पूरे मामले में एसएचओ हुकम सिंह के अलावा कांस्टेबल विकास, महिला कांस्टेबल रिंका और पूजा ने अहम भूमिका निभाई।
इस निर्मम हत्या के बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई। मासूम की हत्या के पीछे उसकी मां का हाथ होने की खबर सुनकर हर कोई स्तब्ध रह गया। पुलिस अब इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है, और लीला को सख्त सजा दिलाने के लिए पूरा प्रयास किया जा रहा है।

