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कोटा: माँ-बेटी की निर्मम हत्या की गुत्थी सुलझी, पैसे के लेन-देन में परिचितों ने घोंटा गला, 2 अभियुक्त गिरफ्तार

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24 Nedws Update जयपुर। कोटा शहर आपके पुरम थाना क्षेत्र में 7 नवंबर को हुए मां बेटी के दोहरे हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। मामले में पुलिस ने दो पूर्व परिचितों प्रदीप वैष्णव (30) और भरत सहरिया (23) निवासी सूरजपुर थाना खानपुर झालावाड़ को गिरफ्तार किया है।
7 नवंबर को आरकेपुरम थाना क्षेत्र के रोजड़ी इलाके में एक नर्सिंग कर्मचारी की पत्नी ज्योति वैष्णव और उनकी बेटी पलक वैष्णव की घर में गला दबाकर हत्या कर दी गई। घटना की सूचना मिलते ही कोटा शहर एसपी तेजस्वनी गौतम, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नियति शर्मा और पुलिस उपअधीक्षक योगेश शर्मा अविलम्ब घटनास्थल पर पहुंचे। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए एमओबी, एफएसएल और डॉग स्क्वॉड की टीमों ने गहनता से साक्ष्य संकलित किए।

16 टीमों ने सुलझाई हत्या की गुत्थी
हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दिलीप सैनी और पुलिस उपअधीक्षक मनीष शर्मा के सुपरविजन व आरकेपुरम एसएचओ महेंद्र मारू और अन्नतपुरा एसएचओ भूपेंद्र के नेतृत्व में वृत्त स्तर की 16 पुलिस टीमों का गठन किया गया। इन टीमों ने विभिन्न पहलुओं पर जांच शुरू की, जिसमें सीसीटीवी फुटेज का बारीकी से विश्लेषण, तकनीकी साक्ष्यों का संग्रहण, पूर्व के चोरी/नकबजनी के अपराधियों से पूछताछ तथा परिवारजन और परिचितों से गहन पूछताछ शामिल थी।

मुकुंदरा के जंगलों से पकड़े गए हत्यारे
पुलिस की त्वरित और संयुक्त कार्यवाही रंग लाई और मुखबिरों तथा आसूचना संकलन के आधार पर महज 48 घंटों के भीतर रविवार 9 नवम्बर को दो अभियुक्तों प्रदीप वैष्णव और भरत सहरिया को मुकुंदरा के जंगलों से गिरफ्तार करने में सफलता मिली। पुलिस ने खुलासा किया है कि मुलजिम और मृतका ज्योति वैष्णव एक दूसरे को काफी वर्षों से जानते थे। इस प्रकरण में एक अन्य फरार मुलजिम राजू उर्फ मामू की तलाश जारी है।

पैसों के लेनदेन के विवाद में हत्या
अनुसंधान में सामने आया कि हत्या का मुख्य उद्देश्य पैसे का लेन-देन था। अभियुक्त प्रदीप वैष्णव ने मृतका ज्योति वैष्णव को ₹60,000 उधार दिए थे, जो वह वापस नहीं लौटा पा रही थी। इसी बात पर प्रदीप ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। अभियुक्त प्रदीप ने खुलासा किया कि 6 नवंबर को भी उसने ज्योति को मारने की कोशिश की लेकिन मौका नहीं मिला। अगले दिन 07 नवम्बर को ज्योति के पति के घर से निकलते ही वे घर में घुसे और ज्योति को रसोई में चुन्नी से गला दबाकर मार रहे थे।
इसी दौरान ज्योति की बेटी पलक स्कूल से आ गई और उन्होंने अपनी माँ को मरते देख लिया। पलक के चिल्लाने पर अभियुक्तों ने उसका मुंह और गला दबाकर हत्या कर दी और फिर हत्या को लूट का रंग देने के लिए मंगलसूत्र, कानों के टॉप्स व अलमारी से अन्य सामान लूटकर फरार हो गए।

राजस्थान पुलिस का ध्येय कायम
जिला पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम ने इस त्वरित खुलासे और मुलजिमों की गिरफ्तारी पर पूरी टीम की सराहना की है। इस सफल कार्यवाही से राजस्थान पुलिस ने एक बार फिर अपना ध्येय आमजन में विश्वास, अपराधियों में भय को कायम किया है।

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