24 News Update उदयपुर, 7 अप्रैल। निजी विद्यालयों द्वारा प्रति वर्ष विकास शुल्क वसूली, पुस्तकों में बदलाव कर अधिक मूल्य पर बिक्री तथा स्टेशनरी, ड्रेस एवं जूते आदि केवल निर्धारित दुकानों से खरीदने की बाध्यता जैसे मामलों पर रोक लगाने की मांग को लेकर अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत संगठन ने मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन के माध्यम से ज्ञापन सौंपा।
संगठन के जिला मंत्री नारायण पंचोली ने जानकारी देते हुए बताया कि ज्ञापन अति. जिला कलेक्टर दीपेंद्र सिंह राठौड़ को सौंपा गया। इसमें आरोप लगाया गया कि वर्तमान समय में निजी विद्यालय प्रवेश के नाम पर अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डाल रहे हैं तथा शिक्षा को व्यापार का रूप दिया जा रहा है।
ज्ञापन में मांग की गई कि राजस्थान में निजी विद्यालयों की इस प्रकार की गतिविधियों पर सख्त अंकुश लगाया जाए तथा शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा वास्तविक जांच कर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही यह भी कहा गया कि यदि समय रहते सरकार ने कार्रवाई नहीं की तो संगठन जन आंदोलन की रणनीति बनाएगा।
इसके अतिरिक्त ज्ञापन में प्राथमिक स्तर पर निजी एवं सरकारी विद्यालयों में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू करने का आग्रह किया गया, ताकि अभिभावकों पर बढ़ते आर्थिक भार को कम किया जा सके।
ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रांत संगठन मंत्री राकेश पालीवाल, जिला अध्यक्ष शिव कुमार शर्मा, महिला अध्यक्ष पूर्णिमा बोकड़िया, करण सिंह कटारिया, हरीशंकर तिवारी, रमेश जोशी, जयप्रकाश भावसार, संगीता जैन, राजेन्द्र स्वर्णकार, अनिल टांक सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।
निजी विद्यालयों पर अंकुश लगाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन

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