उदयपुर, 18 जून 2025। महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमपीयूएटी) की 64वीं प्रबंध मण्डल बैठक बुधवार को कुलपति डॉ. अजीत कुमार कर्नाटक की अध्यक्षता में विश्वविद्यालय के प्रशासनिक कार्यालय में आयोजित हुई। बैठक में विश्वविद्यालय से जुड़े विभिन्न महाविद्यालयों के शैक्षणिक, प्रशासनिक एवं वित्तीय विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। बैठक में विधायक डॉ. सुरेश धाकड़ (बेगूं, चित्तौड़गढ़), डॉ. सुरेन्द्र कोठारी, श्री विष्णु पारीक, श्री सुहास मनोहर, डॉ. वी.डी. मुदगल, श्रीमती कविता जोशी, डॉ. अरविन्द वर्मा, डॉ. लोकेश गुप्ता, श्री सुधांशु सिंह (कुलसचिव), और श्रीमती दर्शना गुप्ता (वित्त नियंत्रक) सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। ‘प्रताप फ्रेश’ व ‘सरस स्नैक्स कॉर्नर’ के संचालन को विस्तार बैठक में डेयरी एवं खाद्य प्रौद्योगिकी महाविद्यालय में प्रताप फ्रेश उत्पाद बिक्री केंद्र और प्रताप सरस स्नैक्स कॉर्नर के संचालन हेतु मौजूदा शर्तों पर सरस डेयरी के साथ अनुबंध विस्तार को स्वीकृति दी गई। यह निर्णय विद्यार्थियों और स्टाफ के लिए गुणवत्तापूर्ण डेयरी उत्पाद और स्नैक्स की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। शैक्षणिक निर्णयों को मंजूरी बैठक में 23 मई 2025 को सम्पन्न अकादमिक परिषद की सिफारिशों को अनुमोदित किया गया। इन निर्णयों में निम्न बिंदु प्रमुख रहे: डेयरी एवं खाद्य प्रौद्योगिकी महाविद्यालय में प्रवेश के पात्रता मापदंडों में आवश्यक संशोधन। पीजी और पीएच.डी. शिक्षण व शोध निर्देशन के लिए शिक्षकों का एक्रीडिटेशन। थीसिस मूल्यांकन शुल्क में वृद्धि, जिससे शिक्षकों को प्रोत्साहन मिलेगा। प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस की नियुक्तियां विशेषज्ञता को विश्वविद्यालय से जोड़ने की पहल के तहत विभिन्न महाविद्यालयों में ‘प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस’ के रूप में नई नियुक्तियों को स्वीकृति दी गई: मात्स्यिकी महाविद्यालय: डॉ. अतुल कुमार जैन सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय: डॉ. वंदना अग्रवाल, सुश्री खुशबू प्रौद्योगिकी एवं अभियांत्रिकी महाविद्यालय: डॉ. कजर अली शाह, इं. राजेश निमारे, इं. पारिक्षित तलेसरा 2025-26 के लिए बजट अनुमानों को स्वीकृति बैठक में 11 जून 2025 को सम्पन्न वित्त समिति की अनुशंसाओं को भी अनुमोदन प्रदान किया गया। इसके तहत: वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए ₹122 करोड़ के बजट अनुमान को मंजूरी वर्ष 2024-25 के लिए ₹149 करोड़ के संशोधित अनुमान को स्वीकृति दी गई बैठक में लिए गए निर्णयों को विश्वविद्यालय के सतत विकास, नवाचार और शिक्षण गुणवत्ता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation एबीवीपी ने MPUAT में भर्तियों की अनियमितताओं व छात्रों की समस्याओं को लेकर प्रबंध मंडल का किया घेराव, विवि प्रशासन को सौंपा 11 सूत्रीय ज्ञापन, सीट कटौती, स्कोर कार्ड विसंगति, हॉस्टल व इंटरनेट समस्याएं उठाईं मृत्यु समय शरीर और आत्मा का भेदज्ञान अत्यंत कठिन है : जैनाचार्य रत्नसेन सूरीश्वर महाराज