24 News Update अजमेर। जिस जगह पर कानून की भाषा में न्याय तय होता है, उसी जिला न्यायालय के बाहर सोमवार को हालात कुछ समय के लिए नियंत्रण से बाहर होते दिखे। जयपुर रोड पर नए जिला न्यायालय भवन के सामने स्पीड ब्रेकर निर्माण की मांग को लेकर अधिवक्ताओं ने सड़क के दोनों ओर आवागमन रोक दिया, जिससे शहर की एक प्रमुख सड़क करीब ढाई घंटे तक ठप रही। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सिविल लाइन थाना पुलिस, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और बाद में पीडब्ल्यूडी (लोक निर्माण विभाग) के एक अधिकारी को मौके पर बुलाया गया, ताकि गतिरोध को बातचीत से सुलझाया जा सके। बातचीत से पहले बढ़ा तनावप्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पीडब्ल्यूडी अधिकारी के मौके पर पहुंचने के बाद बातचीत के दौरान माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। कुछ अधिवक्ता आक्रोशित हो गए और स्थिति हाथ से निकलती नजर आई। इसी दौरान अधिकारी को लेकर हंगामे और हाथापाई की स्थिति बन गई।पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए अधिकारी को अधिवक्ताओं के बीच से निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। घटना पुलिस की मौजूदगी में हुई, जिसके चलते हालात और संवेदनशील हो गए। वरिष्ठ अधिकारियों ने संभाला मोर्चापीडब्ल्यूडी अधिकारी के साथ कथित दुर्व्यवहार की सूचना मिलते ही एडिशनल एसपी सिटी हिमांशु जांगिड़ और प्रशिक्षु आईपीएस अजय सिंह मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने जिला बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों से चर्चा कर स्थिति को शांत करने का प्रयास किया। लगातार संवाद और आश्वासन के बाद करीब ढाई घंटे बाद जयपुर रोड पर यातायात बहाल हो सका। क्या है अधिवक्ताओं की मुख्य मांगजिला बार एसोसिएशन के सचिव रूपेंद्र परिहार के अनुसार, जिला न्यायालय का नया भवन बनकर तैयार हो चुका है और वहां नियमित न्यायिक कार्य प्रारंभ हो गया है। हालांकि, अधिवक्ताओं के बैठने की पर्याप्त व्यवस्था अब भी पुराने भवन में है। इस कारण अधिवक्ताओं और हजारों पक्षकारों को रोजाना जयपुर रोड पार कर नए कोर्ट भवन तक जाना पड़ता है, जो एक हाई-स्पीड रोड है। पूर्व में कई अधिवक्ता और वादकारी सड़क पार करते समय दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं। सोमवार को भी एक अधिवक्ता के वाहन की चपेट में आने की सूचना के बाद विरोध तेज हुआ। दो घंटे में समाधान का आश्वासनबार एसोसिएशन के अनुसार, प्रशासन की ओर से दो घंटे के भीतर स्पीड ब्रेकर निर्माण का आश्वासन दिया गया, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त कर सड़क खोल दी गई।पीडब्ल्यूडी अधिकारी से कथित मारपीट के आरोपों पर सचिव रूपेंद्र परिहार ने कहा कि किसी अधिवक्ता ने अधिकारी पर हाथ नहीं उठाया। उनका दावा है कि अधिकारी द्वारा बार अध्यक्ष से कथित रूप से अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया, जिसके बाद स्थिति बिगड़ी और पुलिस द्वारा अधिकारी को हटाने के दौरान गलतफहमी पैदा हुई। कानून के परिसर के बाहर कानून की परीक्षायह घटनाक्रम एक बार फिर यह सवाल छोड़ गया कि न्याय की संस्थाओं के आसपास बुनियादी सुरक्षा इंतजामों की अनदेखी कैसे बड़े टकराव का कारण बन जाती है। फिलहाल प्रशासन के आश्वासन के बाद स्थिति सामान्य है, लेकिन अब निगाहें इस पर टिकी हैं कि स्पीड ब्रेकर का वादा जमीन पर कब उतरता है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation शौर्य दिवस पर देवखेड़ा में अमर शहीद ठाकुर केसरी सिंह बारहठ की स्मृति में शौर्य दिवस के अवसर पर प्रतिभा लोकार्पण समारोह सहित भव्य मेला का 23 दिसंबर को आयोजन श्मशान भूमि सार्वजनिक भूमि पर कहार समाज द्वारा अतिक्रमण करने के विरोध में एसडीएम को ज्ञापन सौंपा