24 News Udpate उदयपुर। शहर के बीचों-बीच स्थित किशनपोल प्रेस कॉलोनी का राजकीय बालिका उच्च प्राथमिक विद्यालय एक जर्जर दीवार के कारण लंबे समय से बंद पड़ा है, और इसके साथ ही सैकड़ों बच्चियों की पढ़ाई भी ठप हो गई है। हैरानी की बात यह है कि स्कूल भवन में अन्य सभी आवश्यक सुविधाएँ मौजूद हैं—सिर्फ एक दीवार के पुनर्निर्माण से “शिक्षा मंदिर” दोबारा शुरू हो सकता है। स्थानीय लोगों के अनुसार नगर निगम स्तर पर फाइल और टेंडर प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी थी, लेकिन बजट के अभाव में काम रोक दिया गया। अब नए वित्तीय वर्ष में बजट मिलने के बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं होना साफ तौर पर जिम्मेदारों की अनदेखी को उजागर करता है।
इस लापरवाही का खामियाजा मासूम बच्चियों को भुगतना पड़ रहा है। वर्तमान में उन्हें दूर खेरादीवाड़ा में खुले में दरी पर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। ऊपर से आने-जाने का अतिरिक्त खर्च गरीब परिवारों पर आर्थिक बोझ बन रहा है। एक तरफ सरकार शिक्षा को प्राथमिकता देने के दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर एक दीवार की मरम्मत तक नहीं हो पा रही। सवाल यह है कि आखिर कब तक किशनपोल की बेटियां इंतज़ार करती रहेंगी—दीवार के बनने का या अपने भविष्य के संवरने का?
शिक्षा की राह में बस एक दीवार का इंतजार, दीवार बनाओ, बेटी पढ़ाओ

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