24 News update नाथद्वारा। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर शुक्रवार को नाथद्वारा के श्रीनाथजी मंदिर में भक्ति और उत्साह का वातावरण बना हुआ है। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रीकृष्ण के जयकारे गूंज रहे हैं और बड़ी संख्या में श्रद्धालु ठाकुरजी के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। जन्माष्टमी को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने दर्शन व्यवस्था के साथ प्रवेश, निकासी और वाहनों की पार्किंग में भी बदलाव किया है। शुक्रवार को सभी प्रकार के दर्शन पास और प्रोटोकॉल पास बंद रखे गए हैं। मंगला दर्शन से जन्माष्टमी का क्रमजन्माष्टमी पर सुबह करीब 4.45 बजे मंगला पंचामृत दर्शन खुले। इसके बाद सुबह 8 बजे श्रृंगार दर्शन हुए, जो करीब एक घंटे तक चले। दोपहर करीब 12.30 बजे राजभोग दर्शन होंगे। शाम 7.30 बजे भोग-आरती होगी, जो लगभग एक घंटे चलेगी। इसके बाद रात 9.30 बजे जागरण दर्शन खुलेंगे।शाम को रिसाला चौक से शोभायात्रा निकाली जाएगी। जन्माष्टमी के सबसे खास आयोजन के रूप में मध्यरात्रि 12 बजे रिसाला चौक में दो अलग-अलग तोपों से कान्हा के जन्म की खुशी में 21 बार तोपों की सलामी दी जाएगी। 5 सितंबर को नंदोत्सव, दही-छाछ का होगा छिड़कावश्रीनाथजी मंदिर में 5 सितंबर को नंदोत्सव मनाया जाएगा। सुबह 7.30 बजे से 11 बजे तक केशरयुक्त दही और छाछ के छिड़काव के दर्शन होंगे। इसके बाद दोपहर 2.15 बजे से राजभोग दर्शन करीब एक घंटे होंगे।शाम 7 बजे उत्थापन दर्शन करीब आधे घंटे चलेंगे, जबकि रात 9 बजे से भोग-आरती के दर्शन करीब एक घंटे प्रस्तावित हैं। मंदिर की सेवा-पूजा की परंपरा और निर्धारित विधि-विधान के चलते दर्शन के समय में आवश्यकता के अनुसार बदलाव किया जा सकता है। दो दिन किसी भी प्रकार का दर्शन पास नहींमंदिर प्रशासनिक समिति के निर्देशानुसार 4 और 5 सितंबर को किसी भी मनोरथी के लिए दर्शन पास जारी नहीं किए जाएंगे। दिनभर के मनोरथ के अलावा राजभोग, मंगल-भोग, शयन-भोग, सामग्री, जीन्स भेंट और अन्य किसी भी मनोरथ से जुड़े दर्शन पास भी इन दो दिनों में बंद रहेंगे। इसी अवधि में किसी भी प्रकार के प्रोटोकॉल दर्शन पास भी जारी नहीं किए जाएंगे। दर्शन पास के क्यूआर कोड की जांच करने वाली मशीन को भी बंद रखा जाएगा। महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग प्रवेशजन्माष्टमी और नंदोत्सव को देखते हुए मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग प्रवेश मार्ग निर्धारित किए गए हैं। महिलाओं को चौपाटी मंदिर मार्ग से प्रतापमाली गेट होते हुए श्रीनाथजी मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा। पुरुष श्रद्धालु चौपाटी मंदिर मार्ग से नक्कारखाना गेट के रास्ते मंदिर में प्रवेश करेंगे। दर्शन के बाद सभी श्रद्धालुओं की निकासी मोतीमहल से होगी। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation कनबई में कृष्ण जन्माष्टमी पर निकली भव्य शोभायात्रा, बाल गोपालों के रूप में सजे बच्चों ने मोहा मन ट्रेनों में 4 करोड़ की चोरी का खुलासा, बिहार के दो शातिर आरोपी गिरफ्तार