24 News Update नई दिल्ली | राष्ट्रपति भवन के गणतंत्र मंडप में आयोजित भव्य समारोह में आज सुबह 10 बजे न्यायमूर्ति भूषण रामकृष्ण गवई ने भारत के 52वें मुख्य न्यायाधीश (CJI) के रूप में शपथ ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें पद की शपथ दिलाई। शपथ लेने के बाद उन्होंने मंच से उतरते ही सबसे पहले अपनी मां कमलताई गवई के पैर छूकर आशीर्वाद लिया।न्यायमूर्ति गवई देश के पहले बौद्ध मुख्य न्यायाधीश और स्वतंत्र भारत के दूसरे दलित समुदाय से आने वाले CJI बने हैं। उनका कार्यकाल छह महीने का होगा, जो 23 नवंबर 2025 तक चलेगा।समारोह में शामिल हुए देश के सर्वोच्च नेताइस ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनने के लिए राष्ट्रपति भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, गृह मंत्री अमित शाह, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा और विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर सहित कई शीर्ष नेता उपस्थित रहे।मां कमलताई बोलीं – मेहनत और सेवा का फल मिलाCJI गवई की मां कमलताई गवई ने भावुक होते हुए कहा, “मैंने हमेशा चाहा था कि मेरे बेटे अपने पिता की तरह समाज की सेवा करें। कठिन परिस्थितियों के बावजूद भूषण ने जो मुकाम हासिल किया है, वो हर मां का सपना होता है। उसने कभी जरूरतमंदों की मदद करने से पीछे नहीं हटे, चाहे वह शिक्षा हो या इलाज।”न्यायिक यात्रा: एक साधारण शुरुआत से सर्वोच्च न्याय तक24 नवंबर 1960 को महाराष्ट्र के अमरावती में जन्मे जस्टिस गवई ने 1985 में वकालत की शुरुआत की। वे बॉम्बे हाईकोर्ट में न्यायमूर्ति राजा एस. भोसले के जूनियर रहे और 1987 से स्वतंत्र प्रैक्टिस शुरू की। 1992 में वे नागपुर बेंच के सहायक सरकारी वकील बने। 14 नवंबर 2003 को बॉम्बे हाईकोर्ट के एडिशनल जज और 12 नवंबर 2005 को परमानेंट जज बनाए गए। सुप्रीम कोर्ट में उनका कार्यकाल 24 मई 2019 से शुरू हुआ।ऐतिहासिक फैसलों में निभाई अहम भूमिकाCJI गवई कई बड़े संवैधानिक फैसलों में शामिल रहे हैं:डिमॉनेटाइजेशन (विमुद्रीकरण) को संवैधानिक करार देनाचुनावी बॉन्ड योजना को असंवैधानिक ठहरानाअनुच्छेद 370 को हटाने को सही ठहरानाSC आरक्षण में उप-वर्गीकरण को बरकरार रखनातेलंगाना की शराब नीति से जुड़ी कविताओं को जमानत देनान्यायपालिका को लेकर स्पष्ट सोचपिछले वर्ष अहमदाबाद में जजों के वार्षिक सम्मेलन में उन्होंने कहा था, “न्यायपालिका में जनता का विश्वास ही इसकी सबसे बड़ी पूंजी है। यदि जनता का यह विश्वास डगमगाया, तो लोग भीड़तंत्र या भ्रष्ट रास्तों से न्याय ढूंढने लगेंगे, जिससे कानून-व्यवस्था को गंभीर नुकसान हो सकता है।”अगला CJI कौन?न्यायमूर्ति गवई के बाद वरिष्ठता क्रम में जस्टिस सूर्यकांत आते हैं, जिन्हें देश का 53वां मुख्य न्यायाधीश बनाए जाने की संभावना है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation 20 दिन बाद लौटे भारत के जवान: पाकिस्तान ने BSF कॉन्स्टेबल पूर्णम कुमार शॉ को अटारी-वाघा बॉर्डर पर सौंपा, BSF की लगातार कोशिशों के बाद रिहाई संभव उज्जैन में दर्दनाक हादसा, मलखंभ का अभ्यास कर रहे बच्चे की दम घुटने से मौत