– राखी सजाओ प्रतियोगिता में सजी तरह तरह की राखियां, विजेताओं को दिए पुरस्कार– रक्षा बंधन पर हुए विशेष प्रवचन, पांडाल में लोगों ने एक दूसरे को बांधे रक्षा सूत्र– सर्वऋतु विलास जैन मंदिर में पूरे दिन चला संतों की पिच्छिका पर राखी बांधने का दौर 24 News Update उदयपुर । सर्वऋतु विलास स्थित महावीर दिगम्बर जैन मंदिर में राष्ट्रसंत आचार्यश्री पुलक सागर महाराज ससंघ का चातुर्मास भव्यता के साथ संपादित हो रहा है। शनिवार को टाउन हॉल नगर निगम प्रांगण में 27 दिवसीय ज्ञान गंगा महोत्सव के 21वें दिन नगर निगम प्रांगण में विशेष प्रवचन हुए। चातुर्मास समिति के अध्यक्ष विनोद फान्दोत ने बताया कि शनिवार को कार्यक्रम के मुख्य अतिथि इस अवसर पर मुख्य अतिथि सहकारिता राज्य मंत्री राजस्थान सरकार गौतम दक, पूर्व पुलिस कमिश्नर प्रसन्न खमेसरा, सुरेश खटीक, दिलीप सुराणा, डॉक्टर मुकेश बडज़ात्या उपस्थित थे ।चातुर्मास समिति के परम संरक्षक राजकुमार फत्तावत व मुख्य संयोजक पारस सिंघवी ने बताया कि ज्ञान गंगा महोत्सव के 21वें दिन आचार्य पुलक सागर महाराज ने कहा हमारे हिंदुस्तान में रोजाना त्यौहार होते है, हम अपने घर में ऐसे जीते है जैसे रोज त्यौहार हो । कभी कभी तो ऐसा हो जाता है कि सुबह सप्तमी होती है और शाम को अष्टमी हो जाया करती है, त्योहारों का यह हमारा भारत देश है, यह दुनिया में कही नहीं मिलेगा । अंग्रेजी कैलेंडर को देखो वहां सिर्फ साल बदला करता है, और मेरे हिंदी पंचांग को उठाकर देखो, उसमें हर दिन त्यौहार मिला करता है । त्योहारों में हमारे अंदर एक उमंग होती है, घर में एक अलग सा माहौल होता है, संबंधों में प्रगाढ़ता आती है । राखी के धागे कच्चे धागे नहीं है, ये रिश्तो के धागे है, हम दूर रह कर भी एक दूसरे से बंधे हुए है । एक धागे में वो ताकत होती है यदि वह कलाई पर बंध जाए तो दिलों के रिश्ते बंध जाया करते है । रक्षा बंधन एक ऐसा त्यौहार है जिसे हर धर्म और हर मजहब स्वीकार करता है । एक घटना ऐसी घटती है, एक होता है जगत और एक होता है भगत । जगत साधनों में जिया करता है और भगत साधना में जीता है । तुम साधनों में जीते है हम साधना में जीते है । एक बात याद रखना जब कोई भगत इस दुनिया में आता है तो उसे कई प्रताडऩाओं का सामना करना पड़ता है । मीरा आती है तो जहर दे दिया जाता है, राम को वनवास दे दिया जाता है, सीता को अग्नि परीक्षा देनी पड़ जाती है, जब कोई अंजना आती है तो उसे 22 वर्ष का वनवास मिल जाता है, कोई जीजस आते है तो उन्हें सूली पर लटका दिया करता है । जब जब सत्य की राह पर चलोगे दुनिया तुम्हारी विरोधी हो जाती है । जब हजार असत्य सामने खड़े हो तो एक सत्य को सूली पर लटका दिया जाता है । जब भी कोई प्रभावशाली शख्शियत इस धरती पर आई, तमाम मूर्ख उसके खिलाफ खड़े हो गए । मैं तो कहता हूं दो चार निंदक अपने साथ रखो, वो ही तुम्हे आगे बढ़ने का समय समय पर मौका देते रहेंगे।प्रचार संयोजक विप्लव कुमार जैन ने बताया कि आज के विशेष कार्यक्रम में राखी सजाओ प्रतियोगिता रखी गई, जिसमें तरह तरह की राखियां सजाई गई, साथ ही उसमें प्रथम द्वितीय एवं तृतीय आने वाले विजेताओं को दिए पुरस्कार भी दिए गए । रक्षा बंधन पर हुए विशेष प्रवचन के बाद पांडाल में लोगों ने एक दूसरे को रक्षा सूत्र बंधे एवं सायं 4 बजे से सर्वऋतु विलास जैन मंदिर में आचार्यश्री एवं संतों की पिच्छिका पर रक्षा सूत्र बांधने का दौर चलता रहा ।चातुर्मास समिति के महामंत्री प्रकाश सिंघवी ने 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस पर विशेष आयोजन होंगे । इस अवसर पर विनोद फान्दोत, राजकुमार फत्तावत, शांतिलाल भोजन, आदिश खोडनिया, पारस सिंघवी, अशोक शाह, शांतिलाल मानोत, नीलकमल अजमेरा, शांतिलाल नागदा सहित उदयपुर, डूंगरपुर, सागवाड़ा, साबला, बांसवाड़ा, ऋषभदेव, खेरवाड़ा, पाणुन्द, कुण, खेरोदा, वल्लभनगर, रुंडेडा, धरियावद, भीण्डर, कानोड़, सहित कई जगहों से हजारों श्रावक-श्राविकाएं मौजूद रहे। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation जीवन को कषाय मुक्त बनाने के लिए जिनवाणी श्रवण कारक उपाय : साध्वी जयदर्शिता मालदास स्ट्रीट स्थित आराधना भवन में शंखेश्वर पाश्र्वनाथ प्रभु की भावयात्रा आज