24 News Update सागवाड़ा (जयदीप जोशी)। नगर व इसके आसपास क्षेत्र में बेधड़क चल रहा है अवैध खनन का कारोबार, अब प्रशासनिक संरक्षण के गंभीर आरोप लगने लगे हैं। जानकारी के अनुसार कार्रवाई के नाम पर जिम्मेदार अधिकारी केवल कागजी खानापूर्ति करते नजर आ रहे हैं। इससे पहले संबंधित अधिकारी ने स्पष्ट जवाब देने के बजाय यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि कार्रवाई तो की होगी, पटवारी से पूछो। तहसीलदार के इस बयान के बाद सवाल और गहरे हो गए हैं कि यदि कार्रवाई हुई है तो उसका प्रमाण कहां है?सूत्रों के अनुसार मौके पर अवैध खनन में प्रयुक्त हिताची मशीन और डंपर जानबूझकर छोड़ दिए गए। न तो जब्ती हुई और न ही कोई ठोस कार्रवाई सामने आई। इससे राजस्व विभाग और खनन माफियाओं की मिलीभगत की आशंका और मजबूत हो गई है। पूरे मामले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सागवाड़ा क्षेत्र में अवैध खनन जिम्मेदार अधिकारियों की सहमति और संरक्षण में चल रहा है। प्रशासन की चुप्पी ने आमजन के भरोसे को गहरा झटका दिया है। जनता में यह धारणा बनती जा रही है कि यहां व्यवस्था का मूल मंत्र है—अपना काम बनता, भाड़ में जाए जनता।ये है मामलावरसिगपुर गांव के गियो का वेला क्षेत्र से सागवाड़ा-सरोदा रोड किनारे स्थित सरकारी भूमि पर अवैध खनन चल रहा था। मिट्टी माफिया बेखौफ होकर हिताची मशीन से मुरम और मिट्टी की खुदाई कर रहे हैं और उसे डंपरों व ट्रैक्टरों में भरकर सामने के खेत में डालकर खेत को प्लॉट में तब्दील करने की तैयारी की जा रही है। हैरानी की बात यह है कि इस भराव कार्य के लिए ग्राम पंचायत से किसी प्रकार की एनओसी तक नहीं ली गई है।सूचना मिलने पर पटवारी मौके पर पहुंचीं और मौका पर्चा तैयार किया। इसी दौरान पटवारी की मौजूदगी में ही मिट्टी से भरे दो डंपर और तीन ट्रैक्टर मौके से निकल गए, लेकिन खनन माफियाओं ने किसी की एक नहीं सुनी। पटवारी द्वारा बार-बार वाहन रोकने और काम बंद कराने के प्रयास के बावजूद माफिया खुलेआम अवैध गतिविधि को अंजाम देते रहे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए महिला पटवारी ने साहस दिखाते हुए हिताची मशीन के पास खड़े होकर काम रुकवाने का प्रयास किया और उच्च अधिकारियों को पूरे घटनाक्रम की सूचना दी। इस दौरान उन्होंने मौके से जा रहे डंपरों का नंबर फोटो खींचकर रिकॉर्ड में लिया और उसे रोकने का भी प्रयास किया, लेकिन माफिया पूरी तरह बेखौफ नजर आए। बताया जा रहा है कि पटवारी करीब दो घंटे तक मौके पर मौजूद रहीं, इसके बावजूद न तो तहसीलदार पहुंचे और न गिरदावर न कोई अन्य जिम्मेदार अधिकारी। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation भव्य कलश के साथ हुआ सात दिवसीय शिव कथा का आगाज आज से कथा प्रारम्भ एक ही कलर की साड़ियों में 1100 महिलाओं ने कलश शिरोधार्य कर निकाली भव्य शोभायात्रा रामायण मनका व हनुमान चालीसा पाठ का हुआ आयोजन