भीलवाड़ा। दीपावली से पहले भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने शिक्षा विभाग से जुड़े समग्र शिक्षा अभियान (समसा) में रिश्वतखोरी के मामले में कार्रवाई करते हुए एक कथित दलाल को 50 हजार रुपए लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान श्रेणिक के रूप में हुई है। वह समसा के एक अधिकारी के लिए रिश्वत की रकम लेने पहुंचा था। एसीबी की टीम ने उसे रेलवे फाटक के पास इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप पर ट्रैप किया।एसीबी के डिप्टी पारसमल ने प्रारंभिक जानकारी में बताया कि समसा में एक ठेकेदार से सिविल कार्य करवाया गया था। काम पूरा होने के बाद उसका बिल भुगतान बकाया था। आरोप है कि बिल पास करवाने के बदले रिश्वत की मांग की गई। परेशान ठेकेदार ने इसकी शिकायत एसीबी से की थी। शिकायत का सत्यापन करने के बाद गुरुवार दोपहर कार्रवाई की गई। एसीबी के अनुसार, आरोपी ने शिकायतकर्ता को रेलवे फाटक के पास पेट्रोल पंप पर बुलाया था। वहां उसे स्विफ्ट कार में बैठाकर 50 हजार रुपए लिए। इसी दौरान पहले से निगरानी कर रही एसीबी टीम ने उसे पकड़ लिया। कार्रवाई के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। अधिकारी की भूमिका की भी जांचएसीबी ने बताया कि इस मामले में समसा के संबंधित अधिकारी की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। अधिकारी को पकड़ने और पूछताछ के लिए दूसरी टीम भेजी गई है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि रिश्वत की मांग किस स्तर पर हुई, रकम किसके कहने पर ली जा रही थी और पूरे मामले में अधिकारी की क्या भूमिका थी। आरोपी दलाल का मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज भी कब्जे में लेकर जांच की जा रही है।एसीबी अधिकारियों के अनुसार, कार्रवाई की विस्तृत जानकारी और रिश्वत मांगने में शामिल अन्य लोगों की भूमिका जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी। फिलहाल दलाल की गिरफ्तारी के बाद समसा से जुड़े अधिकारी की भूमिका जांच के दायरे में है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation गहलोत बोले, 24 घंटे में माफी मांगें सीएम भजनलाल शर्मा, अनंता मामले की जांच CBI जांच से कराने से क्यों बच रही सरकार?