24 News Update उदयपुर। अरावली की गोद में बनाए गए पहाड़ी क्षेत्र में नियमों की खुली अवहेलना और मनमानी निर्माण पर आखिरकार UDA ने कार्रवाई की, लेकिन सवाल यह है कि इतने लंबे समय तक यह कैसे संभव हुआ और भ्रष्ट अफसर कहाँ थे? जब ये बने तक किस किसने कितना पैसा खाया यह अब साफ हो जाना चाहिए। माल कमाने वाले ही अब कार्रवाई करने आ गए। ये क्या धंधा चल रहा है उदयपुर में। पहाड़ के हत्यारेां को बनेकाब किया जाना चाहिए, सरकारी संरक्षण में मची लूट बेनकाब होनी चाहिए। आज मालदीव्स विला, वेलेसा होटल समेत अन्य अवैध विला और व्यवसायिक संरचनाओं को सीज किया गया, साथ ही गैर-तकनीकी तरीके से काटे गए रास्ते, सीसी रोड और पोल ध्वस्त किए गए।UDA आयुक्त राहुल जैन की ओर से बताया गया कि राजस्व ग्राम सरे, मोहनपुरा और सरेखुर्द में कुल 17 विला और एक होटल बिना सक्षम स्वीकृति के बनाए गए थे। पहाड़ों को काटकर बनाए गए रास्ते ऐसे थे कि हर समय जानमाल का खतरा बना रहता था, लेकिन जो जिम्मेदार अधिकारी वर्षों तक सोते रहे। इतने बडे निर्माण होने में उनके घरों में कितना पैसा पहुंचा यह बडी जांच का विषय हो सकता है। कहां है सरकार की बडी एजेंसियां, जो तत्काल इनको जेल भेज कर जांच करे कि आखिर यह कैसे हो गया?? रास्ते बन गए विला बन गए, पहाड़ गायब हो गए, आखिर यह खेल किसके कहने पर कौन खेल रहा है। पहले निर्माण करने दो फिर सीज कर दो, उसके बाद मौका दो कि कोर्ट चले जाएं और उसके बाद का जो खेल है उस पर तो हम टिप्पणी भी नहीं कर सकते, जनता खुद समझदार है।UDA उपायुक्त जगदीश सिंह आशिया ने बताया कि हाल में 70 नए राजस्व गांव प्राधिकरण में शामिल हुए थे। लेकिन सवा फिर वहीं कि यहाँ मनमाने ढंग से पहाड़ कटिंग की जा रही थी, जबकि भ्रष्ट अफसरों ने इन सौदों से कितने पैसे खाए, इसका खुलासा होना बाकी है। उक्त कार्रवाई में राजस्व ग्राम मोहनपुरा के आराजी संख्या 4956/1605, 4803/1605 पर ‘इस्कान’ संस्था द्वारा बहुमंजिला इमारत का निर्माण भी शामिल था। तहसीलदार और SDO कार्यालय ने इसे संपरिवर्तित कर दिया था, बिना किसी सक्षम स्वीकृति के। प्राधिकरण ने नोटिस जारी कर स्पष्ट किया कि भविष्य में ऐसा कोई भी निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।टीम में तहसीलदार रणजीसिंह विठू, भू-अभिलेख निरीक्षक राजेन्द्र सेन, बाबूलाल तेली, सूरपालसिंह सोलंकी, पटवारी दीपक जोशी और हितेन्द्रसिंह तवंर शामिल थे।इनकी नींच तोड़ो अफसरों को तुरंत जिला बदर करोयह कार्रवाई तो हुई, लेकिन प्रशासन की नींद और भ्रष्टाचार ने अरावली की पहाड़ियों को तबाह कर दिया। जब मालदीव्स विला और वेलेसा होटल बनाए जा रहे थे, UDA और संबंधित अधिकारी सो रहे थे। जनता के पैसों और कानून व्यवस्था के बल पर संचालित यह संस्थान वर्षों तक सिर्फ दिखावे के लिए सक्रिय था। भ्रष्ट अफसरों ने सौदेबाजी कर करोड़ों की संपत्ति और पर्यावरण दोनों को नुकसान पहुँचाया। अब समय आ गया है कि UDA को कठघरे में खड़ा किया जाए, जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो और भ्रष्टाचार के इस खेल को रोकने के लिए कानून का शिकंजा कसा जाए। यह एक चेतावनी है कि अब कोई भी अवैध निर्माण, विला, होटल या रिसॉर्ट बिना स्वीकृति नहीं टिकेगा, और भविष्य में UDA की कार्रवाई सिर्फ दिखावे तक सीमित नहीं रहेगी। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation सिंधी सेंट्रल युवा सेवा समिति का भव्य ‘सिंधी क्वीन्स फिएस्टा’ आयोजन, 750 से अधिक महिलाओं की उत्साहपूर्ण सहभागिता अनुशासन, आत्मबल और कौशल का उत्सव: 105 कराटे खिलाड़ियों को बेल्ट व प्रमाण-पत्र, मंच से दिया गया योग–मार्शल आर्ट को जीवनशैली बनाने का संदेश