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तस्करी का हाई-वोल्टेज ड्रामा: प्राइवेट पार्ट में छुपा था 70 लाख का सोना, मास्टरमाइंड भी गिरफ्तार

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24 News update जयपुर. राजस्थान की राजधानी के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर गुरुवार सुबह डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) की टीम ने सोने की तस्करी का एक चौंकाने वाला मामला पकड़ा। आरोपी यात्री के प्राइवेट पार्ट में छुपा लगभग 70 लाख रुपये का गोल्ड पेस्ट बरामद किया गया। इस ऑपरेशन में एजेंसी ने तस्करी के मास्टरमाइंड अजय फगेड़िया को भी गिरफ्तार किया, जो उसी फ्लाइट में सफर कर रहा था।

कैसे पकड़ी गई तस्करी?

1. एयर अरेबिया की फ्लाइट पर पहले से थी नजर

DRI को सूचना मिली थी कि सऊदी अरब की राजधानी रियाद से आने वाली एयर अरेबिया की एक फ्लाइट से सोने की तस्करी हो सकती है। जैसे ही फ्लाइट लैंड हुई, एजेंसी की टीम ने अलर्ट होकर डीबोर्डिंग शुरू होते ही संदिग्ध यात्रियों पर नजर रखी।

2. पहली जांच में कुछ नहीं मिला, लेकिन शक गहरा हुआ

सूचना के आधार पर एक संदिग्ध यात्री को कस्टम जांच के लिए रोका गया, लेकिन उसके पास से कुछ बरामद नहीं हुआ। हालांकि, उसकी बॉडी लैंग्वेज और हावभाव से अधिकारियों को शक गहरा गया।

3. एक्स-रे से हुआ बड़ा खुलासा

शक के आधार पर DRI ने कोर्ट से यात्री का एक्स-रे कराने की अनुमति ली। रिपोर्ट सामने आते ही टीम चौंक गई—यात्री के प्राइवेट पार्ट में पेस्ट के रूप में छुपाया गया 772 ग्राम सोना नजर आया।

4. मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी और बड़े खुलासे

जब यात्री से पूछताछ की गई, तो उसने सोने की तस्करी के मास्टरमाइंड अजय फगेड़िया का नाम लिया। अजय उसी फ्लाइट से रियाद से आया था। तुरंत टीम ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया।

तस्करी का नेटवर्क और मास्टरमाइंड की भूमिका

DRI अधिकारियों के मुताबिक, अजय फगेड़िया लंबे समय से सोने की तस्करी में सक्रिय था। वह राजस्थान के सीकर और नागौर के युवाओं को तस्करी के लिए इस्तेमाल करता था। हर फेरे के लिए वह 10,000 से 20,000 रुपये तक का भुगतान करता था।

जयपुर एयरपोर्ट बना तस्करों का नया हॉटस्पॉट?

बीते कुछ वर्षों में जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट सोने और ड्रग्स तस्करों का प्रमुख अड्डा बनता जा रहा है।

पिछले मामलों पर एक नजर:

अगले कदम:

DRI अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों का पता लगाने में जुटी है। अधिकारियों का मानना है कि इस गिरोह के कई सदस्य अभी भी सक्रिय हैं और जल्द ही उन पर कार्रवाई की जाएगी।

बड़ा सवाल: जयपुर एयरपोर्ट पर लगातार हो रही तस्करी की घटनाएं क्या किसी बड़ी साजिश का संकेत हैं? सुरक्षा एजेंसियां क्या इसे रोकने के लिए और सख्त कदम उठाएंगी?

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