चित्तौड़गढ़, 18 अक्टूबर। कॉलेज में दाखिले का फॉर्म भरने में मदद, बैंक की केवाईसी और दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी कराने का भरोसा देकर छात्रों के नाम पर बैंक खाते खुलवाने और उन्हें साइबर ठगों को बेचने के आरोप में चित्तौड़गढ़ पुलिस ने एबीवीपी के पूर्व यूनिट अध्यक्ष सावन पटवा को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर छात्रों के आधार कार्ड, पैन कार्ड और सिम कार्ड लेकर उनके नाम पर खाते खुलवाता था। बाद में इन खातों को 15 हजार से 25 हजार रुपए तक में साइबर ठगी से जुड़े लोगों को बेच दिया जाता था। रविवार को आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। मामले का खुलासा तब हुआ, जब चित्तौड़गढ़ के एक कॉलेज छात्र के नाम से खुले इंडसइंड बैंक खाते में साइबर ठगी से जुड़े 7.60 लाख रुपए का लेन-देन सामने आया। पुलिस जब छात्र के घर पहुंची तो उसे अपने नाम से बैंक खाता खुलने तक की जानकारी नहीं थी। जांच में सामने आए इस मामले ने छात्रों के दस्तावेजों के दुरुपयोग और साइबर ठगी के लिए बैंक खातों के इस्तेमाल का गंभीर पहलू उजागर किया है। फॉर्म भरवाने की मदद मांगी, दस्तावेज आरोपी को सौंपे साइबर थानाधिकारी सुमन कुमार के अनुसार, तेजाजी मोहल्ला निवासी दिव्यांशु सालवी (20) ने 15 अक्टूबर को साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दिव्यांशु चित्तौड़गढ़ पीजी कॉलेज में बीए सेकंड ईयर का छात्र है। फरवरी में कॉलेज का फॉर्म भरने में परेशानी आने पर उसने पूर्व एबीवीपी यूनिट अध्यक्ष सावन पटवा से मदद मांगी थी। आरोप है कि सावन ने फॉर्म भरने की प्रक्रिया पूरी कराने का भरोसा देकर दिव्यांशु से आधार कार्ड और पैन कार्ड ले लिए। इसके बाद उसे कलेक्ट्रेट स्थित इंडसइंड बैंक बुलाया गया। वहां केवाईसी के नाम पर उसकी फोटो ली गई और मोबाइल पर कुछ प्रक्रियाएं पूरी कराई गईं। बाद में सर्वर में दिक्कत होने की बात कहकर उसका सिम कार्ड भी ले लिया गया। छात्र को यही लगा कि ये सभी औपचारिकताएं फॉर्म भरने से जुड़ी हैं। उसे यह पता नहीं चला कि उसके नाम पर बैंक खाता खोला जा रहा है। खाते में आया साइबर ठगी का पैसा, छात्र को नहीं थी जानकारी पुलिस के मुताबिक, मार्च में दिव्यांशु के नाम से खुले बैंक खाते में साइबर ठगी से संबंधित करीब 7 लाख 60 हजार रुपए का ट्रांजेक्शन हुआ। जब पुलिस इस लेन-देन की जांच करते हुए छात्र के घर पहुंची, तब उसे पहली बार अपने नाम से बैंक खाता खुलने और उसमें संदिग्ध रकम के लेन-देन की जानकारी मिली। इसके बाद उसने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। जांच के दौरान पुलिस ने सावन पटवा को नरपत की खेड़ी के पास उस समय पकड़ा, जब वह भीलवाड़ा जाने के लिए खड़ा था। आरोपी चित्तौड़गढ़ में मिठाई बाजार के पास का रहने वाला बताया गया है। पुलिस के अनुसार, दिव्यांशु के नाम पर दो-तीन बैंक खाते खुलवाने की जानकारी मिली है। इसके अलावा चार-पांच अन्य खातों से जुड़े तथ्य भी सामने आए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। बैंक खाते बेचने के बदले मिलते थे 15 से 25 हजार रुपए साइबर थानाधिकारी के अनुसार, जांच में ब्यावर जिले के केकड़ी निवासी रोहित का नाम भी सामने आया है। पुलिस की पूछताछ में आरोप है कि सावन पटवा बैंक खाते 15 हजार से 25 हजार रुपए तक में बेचता था। खातों से संबंधित दस्तावेज और जानकारी कभी पार्सल के जरिए तो कभी सीधे भेजी जाती थी। जांच में यह भी सामने आया कि खातों में साइबर ठगी से आने वाली रकम को यूएसडीटी (USDT) डिजिटल करेंसी में बदलकर आगे भेजा जाता था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी किन लोगों के संपर्क में था, खातों की खरीद-फरोख्त का नेटवर्क कितना बड़ा है और कितने विद्यार्थियों के दस्तावेजों का इस्तेमाल इस तरह किया गया। संबंधित खातों में हुए लेन-देन और रकम के आगे भेजे जाने की कड़ियों की भी जांच की जा रही है। फिलहाल पुलिस जांच के आधार पर सामने आए आरोपों की पुष्टि और नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका स्पष्ट होना बाकी है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation कालकामाता मंदिर में अष्टमी पूजन पर उमड़ी श्रद्धा, देर रात तक गूंजे माता के जयकारे, सोमवार सुबह गाजे-बाजे के साथ निकलेगी ज्वारा विसर्जन शोभायात्रा उदयपुर: सिल्वर रेजीडेंसी में अष्टमी पर भक्ति और शक्ति का अनोखा संगम; तलवार और मशाल रास ने मोहा मन