24 News Update उदयपुर। राजनीति, कारोबार और जांच एजेंसियों के त्रिकोण में एक बार फिर डबोक केंद्र में आ गया है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के करीबी माने जाने वाले कांग्रेस नेता दिनेश खोड़निया की फर्मों पर गुड्स एंड सर्विस टैक्स (CGST) की कार्रवाई दूसरे दिन भी जारी रही। उदयपुर-चित्तौड़गढ़ हाईवे पर स्थित डबोक क्षेत्र का केआरई अरिहंत कार्यालय गुरुवार दोपहर से ही जांच एजेंसियों की निगरानी में है।
सूत्रों के अनुसार CGST की टीम ने मौके पर पहुंचकर न सिर्फ दस्तावेज खंगाले, बल्कि फर्म से जुड़े कई लोगों से लंबी पूछताछ भी की। कागजों का पुलिंदा, डिजिटल रिकॉर्ड और कारोबारी लेन-देन—सब कुछ एजेंसी की कसौटी पर कसा जा रहा है। कार्रवाई की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि यह सिलसिला दूसरे दिन भी थमा नहीं।
राजनीतिक पहचान और कारोबारी फैलाव
दिनेश खोड़निया डूंगरपुर जिले में कांग्रेस के जिलाध्यक्ष रह चुके हैं और वर्तमान में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के सदस्य हैं। राजनीति के साथ-साथ उनका ज्वेलरी और रियल एस्टेट का बड़ा कारोबार है, जो सागवाड़ा समेत प्रदेश के कई हिस्सों में फैला हुआ है। समूह के संचालन की कमान उनके बेटे आदिश खोड़निया के हाथों में है।
CGST की यह कार्रवाई ऐसे समय सामने आई है, जब खोड़निया परिवार पहले से ही केंद्रीय एजेंसियों की रडार पर रहा है। दिसंबर 2024 में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा स्थित उनके आवास और कार्यालयों पर छापेमारी की थी। उससे पहले अक्टूबर 2023 में भी ईडी ने उनके सागवाड़ा ऑफिस में तलाशी ली थी—तब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी।
पुराने मामलों की गूंज
2023 की ईडी कार्रवाई का तार कथित पेपर लीक प्रकरण और बाबूलाल कटारा प्रकरण से जुड़ा बताया गया था। उसी पृष्ठभूमि में अब CGST की यह ताजा कार्रवाई कई सवाल खड़े कर रही है—क्या यह महज़ कर अनियमितताओं की जांच है, या फिर पुराने मामलों की कड़ियाँ नए सिरे से जोड़ी जा रही हैं? खोड़निया परिवार का स्थानीय राजनीति में भी प्रभाव रहा है। उनके भाई नरेंद्र खोड़निया सागवाड़ा नगर पालिका के अध्यक्ष रह चुके हैं। ऐसे में जांच एजेंसियों की लगातार सक्रियता ने डूंगरपुर-उदयपुर अंचल की राजनीतिक हलचल को भी तेज कर दिया है।

