24 News Update जयपुर, 14 अप्रैल। राजस्थान सरकार ने राज्य के बालिका सैनिक स्कूलों के लिए फीस संरचना तय कर दी है। शिक्षा विभाग द्वारा 9 अप्रैल 2026 को जारी आदेश के बाद अब प्रवेश प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। हालांकि आय के आधार पर छूट का प्रावधान रखा गया है, लेकिन सामान्य परिवारों के लिए सालाना खर्च करीब डेढ़ लाख रुपए तक पहुंच गया है।
निर्धारित फीस के अनुसार ट्यूशन फीस 50 हजार रुपए, हॉस्टल फीस 50 हजार रुपए और डाइट फीस 40 हजार रुपए तय की गई है। इसके अलावा क्लोथिंग के लिए 2 हजार रुपए, कॉशन मनी 3 हजार रुपए और इंसीडेंटल फीस 5 हजार रुपए रखी गई है। इस तरह कुल वार्षिक शुल्क लगभग 1 लाख 50 हजार रुपए निर्धारित किया गया है।
सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को राहत देने के लिए आय आधारित छूट भी लागू की है। 7 लाख रुपए तक वार्षिक आय वाले परिवारों की छात्राओं के लिए सभी प्रकार की फीस पूरी तरह माफ की जाएगी, जिसमें बीपीएल और खाद्य सुरक्षा योजना से जुड़े परिवारों को प्राथमिकता दी जाएगी। वहीं 7 से 9 लाख आय वर्ग के परिवारों को केवल ट्यूशन फीस में 50 प्रतिशत और 9 से 11 लाख आय वर्ग को 25 प्रतिशत की छूट मिलेगी। अन्य शुल्क में कोई छूट नहीं दी जाएगी।
फीस निर्धारण की प्रक्रिया 6 फरवरी 2026 को जयपुर में हुई बैठक के बाद शुरू हुई, जिसमें माध्यमिक शिक्षा निदेशक को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। प्रस्ताव तैयार कर राज्य सरकार से मंजूरी ली गई। इसके बाद 6 अप्रैल को शासन उप सचिव राजेश दत्त माथुर ने छूट संबंधी आदेश जारी किए, जबकि माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने 9 अप्रैल को अंतिम आदेश जारी किए। राज्य के बालिका सैनिक स्कूलों में प्रवेश के लिए 8 मार्च 2026 को राज्य स्तरीय परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसे पंजीयक, शिक्षा विभागीय परीक्षाएं, बीकानेर द्वारा आयोजित किया गया। इस परीक्षा में कुल 12,779 छात्राओं ने आवेदन किया, जिनमें से 9,819 छात्राएं परीक्षा में शामिल हुईं। बीकानेर के जैमलसर और सीकर के रलावता स्थित स्कूलों में कक्षा 6 में प्रवेश के लिए कुल 160 सीटें निर्धारित हैं। इसके लिए 320 छात्राओं को शॉर्टलिस्ट किया गया है और अब दस्तावेज सत्यापन के बाद अंतिम प्रवेश दिए जाएंगे। संयुक्त निदेशक सुनीता चावला ने बताया कि स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया जारी है और सरकार द्वारा तय फीस के अनुसार ही एडमिशन दिए जा रहे हैं।
गौरतलब है कि सैनिक स्कूलों में शैक्षणिक पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद, फिजिकल ट्रेनिंग और व्यक्तित्व विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है, जिससे छात्राएं भविष्य में एनडीए और नौसेना अकादमी जैसी संस्थाओं के लिए तैयार हो सकें।
बालिका सैनिक स्कूलों की फीस तय: सालाना डेढ़ लाख खर्च, आय के आधार पर मिलेगी छूट

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