24 News Update उदयपुर। प्रदेश सरकार ने राजस्व अदालतों में पैरवी करने वाले सरकारी वकीलों की रिटेनरशिप फीस में बड़ा इजाफा किया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंजूरी के बाद राजस्व विभाग ने आदेश जारी कर दिए हैं और यह बढ़ी हुई फीस 1 सितंबर से लागू होगी। इस फैसले से उदयपुर सहित पूरे संभाग के सरकारी वकीलों को सीधा लाभ मिलेगा।
नए प्रावधानों के अनुसार, रेवेन्यू बोर्ड अजमेर में सरकार की पैरवी करने वाले स्टेट एडवोकेट को अब हर महीने 11,250 रुपए, एडिशनल स्टेट एडवोकेट को 10,200 रुपए और डिप्टी स्टेट एडवोकेट को 9,000 रुपए रिटेनरशिप फीस दी जाएगी। वहीं संभागीय आयुक्त और अतिरिक्त संभागीय आयुक्त की अदालत में पैरवी करने वाले सरकारी वकीलों को अब 6,000 रुपए प्रतिमाह मिलेंगे।
जिलों में कलेक्टर और एडीएम की राजस्व अदालतों में पैरवी करने वाले वकीलों की फीस भी बढ़ा दी गई है। उदयपुर, जयपुर, अलवर, भरतपुर, चित्तौड़गढ़, कोटा, श्रीगंगानगर, जोधपुर, नागौर और पाली के लिए यह फीस अब 6,000 रुपए तय की गई है। इसके अलावा बूंदी, झालावाड़, टोंक, जालोर, सिरोही, सीकर, झुंझुनूं, दौसा, बारां और राजसमंद में यह फीस 4,500 रुपए होगी, जबकि बांसवाड़ा, बाड़मेर, बीकानेर, चूरू, डूंगरपुर, धौलपुर, जैसलमेर, हनुमानगढ़ और करौली में पैरवी करने वाले सरकारी वकीलों को अब 3,000 रुपए दिए जाएंगे। राजस्व अपीलीय प्राधिकारी और उनके कैंप कोर्ट में पैरवी पर भी 3,000 रुपए मासिक तय किए गए हैं।
नए आदेशों में मुकदमों के दस्तावेज़ तैयार करने और अन्य खर्चों का भुगतान भी बढ़ा दिया गया है। टाइपिंग के लिए अब प्रति पेज 25 रुपए, फोटोकॉपी के लिए दो रुपए, जवाबदावा व ड्राफ्टिंग के लिए 700 रुपए दिए जाएंगे। इसके अलावा अधिवक्ता कल्याण कोष के लिए 200 रुपए, स्टेशनरी, फाइल कवर व टैग आदि के लिए 60 रुपए, प्रत्येक प्रमाणपत्र के सत्यापन के लिए 100 रुपए और अन्य विविध खर्चों के लिए 200 रुपए दिए जाएंगे।
उदयपुर के वकीलों का कहना है कि वर्षों से फीस बढ़ाने की मांग की जा रही थी। अब नई दरें लागू होने से उन्हें आर्थिक राहत मिलेगी और राजस्व अदालतों में मुकदमों की पैरवी पर और अधिक ध्यान केंद्रित करने में आसानी होगी।
उदयपुर में राजस्व अदालतों के सरकारी वकीलों की फीस तीन गुना बढ़ी, 1 सितंबर से लागू होंगी नई दरें

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