आयड़ जैन तीर्थ में 42 दिवसीय सम्मेद शिखर महातीर्थ तप आराधना जारी24 News Update उदयपुर, 8 अगस्त। तपागच्छ की उद्गम स्थली आयड़ जैन तीर्थ में मालव मार्तंड आचार्य भगवंत मुक्तिसागर सूरीश्वर महाराज, आचार्य अचल मुक्तिसागर सूरीश्वर महाराज सहित ठाणा-4 के सान्निध्य में चातुर्मास महोत्सव श्रद्धा, भक्ति एवं धार्मिक उल्लास के साथ जारी है। आत्म वल्लभ सभागार में प्रात: 7 बजे संतों के सानिध्य में ज्ञान भक्ति, ज्ञान पूजा एवं अष्टप्रकारी पूजा-अर्चना संपन्न हुई। इस दौरान श्रावक-श्राविकाओं ने जैन आगम एवं धर्मग्रंथों की पूजा-अर्चना कर धर्म लाभ लिया।महासभा के महामंत्री कुलदीप नाहर ने बताया कि शनिवार को प्रश्नोत्तरी प्रवचन का आयोजन किया गया। इसमें श्रोतागण अपनी जिज्ञासाओं को कागज पर लिखकर प्रश्न पेटी में डालते हैं। प्रत्येक रविवार को इन्हीं प्रश्नों के उत्तर आचार्य भगवंत की ओर से दिए जाते हैं। रविवार को सुबह 9.30 से दोपहर 12 बजे तक भक्तियोग पर संगीतमय प्रवचन होगा। इसके पश्चात साधार्मिक भक्ति का आयोजन रखा गया है।आत्मवल्लभ सभागार में आयोजित धर्मसभा को संबोधित करते हुए आचार्य भगवंत मुक्तिसागर सूरीश्वर महाराज ने कहा कि इस जगत का शाश्वत नियम है कि प्रत्येक जीवात्मा स्वयं शुभ-अशुभ कर्म करता है और उन्हीं कर्मों के फलस्वरूप सुख-दु:ख का भोक्ता भी स्वयं बनता है। कर्मों के बंधन से छुटकारा पाने के लिए साधना भी जीव को स्वयं ही करनी होती है। अभ्युदयपुरम् प्रेरक एवं संस्कार महाप्रणेता मालव मार्तंड आचार्य मुक्तिसागर सूरीश्वर महाराज ने आमद जैन उपाश्रय में प्रश्नोत्तरी प्रवचन के दौरान श्रद्धालुओं की जिज्ञासाओं का समाधान किया। एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि जैन साधु-साध्वीजी भगवंत विहार के दौरान अन्य धर्म एवं अन्य जाति के लोगों के घर आहार ले सकते हैं, लेकिन वह घर शाकाहारी होना चाहिए। मांसाहारी घरों में जैन साधु-साध्वी सामान्यत: आहार के लिए नहीं जाते।साध्वीजी पुरुषों को नहीं डाल सकतीं वासक्षेपनाहर ने बताया कि शनिवार का सर्वश्रेष्ठ प्रश्न ट्रस्टी राजेंद्र जैन ने किया। उन्होंने पूछा कि क्या पूज्य साध्वीजी भगवंत पुरुषों को वासक्षेप डाल सकती हैं? इसके जवाब में आचार्य श्री ने स्पष्ट किया कि ऐसा नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि जैन परंपरा में साधु-साध्वी के आचार-विचार एवं परस्पर वंदन की विशिष्ट मर्यादाएं निर्धारित हैं। उन्होंने बताया कि 50 वर्ष की दीक्षा पर्याय वाली साध्वीजी महाराज भी आज के दीक्षित साधु महाराज को वंदन करेंगी, लेकिन उन्हें वासक्षेप नहीं डालेंगी। इसी प्रकार श्रावकों को भी साध्वी जी महाराज आशीर्वाद स्वरूप वासक्षेप नहीं डाल सकतीं। पुरुषों द्वारा साध्वीजी महाराज को पंचांग प्रणिपात आदि से वंदन करने की भी मर्यादा नहीं है।इस अवसर पर कुलदीप नाहर, भोपाल सिंह नाहर, अशोक जैन, राजेंद्र जावरिया, प्रकाश नागोरी, हेमंत सिंघवी, राजेश जावरिया, दिनेश बापना, भोपाल सिंह परमार, अभय नलवाया, कैलाश मुर्डिया, चतर सिंह पामेच, सतीश कच्छारा, दिनेश भंडारी, चिमनलाल गांधी, प्रद्योत महात्मा, रमेश सिरोया, कुलदीप मेहता सहित बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं उपस्थित रहे। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation राष्ट्रीय पैंटोमैथिक्स क्विज-2026 में सेंट एंथोनीज़ स्कूल की टीम ने हासिल किया तीसरा स्थान सिन्धी सर्टिफिकेट कोर्स की कक्षाएं पूर्ण, उदयपुर के 60 विद्यार्थी 16 अगस्त को देंगे परीक्षा