24 News Update. उदयपुर। बांसवाड़ा जिले में नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में पिछले करीब 11 महीनों से फरार चल रहा 5 हजार रुपए का इनामी आरोपी आखिरकार उदयपुर में पुलिस के जाल में फंस गया। आरोपी शहर में पहचान छिपाकर निर्माण स्थल पर छत भराई का काम कर रहा था, तभी मजदूरों के बीच पहुंचे पुलिसकर्मियों ने उसे दबोच लिया।
जानकारी के अनुसार, दानपुर थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि फरार आरोपी उदयपुर में किसी कंस्ट्रक्शन साइट पर मजदूरी कर रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस की एक विशेष टीम उदयपुर पहुंची और तीन दिनों तक शहर की विभिन्न निर्माण साइट्स पर निगरानी रखी गई।
मजदूरों की सूची ने खोली पोल
पुलिसकर्मी मजदूर और ठेकेदार का भेष बनाकर निर्माण स्थलों पर पहुंचे। इसी दौरान एक साइट पर छत भराई के कार्य के समय मजदूरों की सूची की जांच की गई। सूची में जैसे ही इनामी आरोपी शंकर पुत्र मानु, निवासी कुंडा का नाम सामने आया, पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे मौके पर ही डिटेन कर लिया।
11 महीने से पुलिस को दे रहा था चकमा
पुलिस के अनुसार, आरोपी पर 31 जनवरी 2025 को नाबालिग के अपहरण का मामला दर्ज हुआ था। बाद में पीड़िता के बयान और घटनाक्रम सामने आने पर दुष्कर्म की धाराएं भी जोड़ी गईं। करीब पांच महीने बाद 8 जुलाई 2025 को पीड़िता आरोपी के चंगुल से छूटकर घर लौटी, लेकिन तब तक आरोपी फरार हो चुका था।
मध्यप्रदेश में भी दी गईं दबिश, नहीं लगा सुराग
आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने मध्यप्रदेश के रतलाम, इंदौर और उज्जैन में भी कई बार दबिश दी, लेकिन वह हर बार स्थान बदलकर पुलिस को चकमा देता रहा। गिरफ्तारी नहीं होने पर उस पर 5 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था।
उदयपुर में छिपकर कर रहा था मजदूरी
लगातार दबाव बढ़ने के बाद आरोपी उदयपुर आकर मजदूरी करने लगा और कंस्ट्रक्शन साइट्स पर काम कर रहा था। उसे अंदाजा नहीं था कि पुलिस मजदूर बनकर ही उसकी तलाश में लगी हुई है।
Discover more from 24 News Update
Subscribe to get the latest posts sent to your email.