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डूंगरपुर पुलिस बनी बाराती, शह​नाइयों के बीच दबोच लिया 160 करोड़ की ठगी का मास्टर माइंड

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आरोपी

24 News Update डूंगरपुर। डूंगरपुर पुलिस ने साइबर ठगी की दुनिया में ऐसा वार किया है, जिसकी गूंज देश ही नहीं, विदेशों तक सुनाई दे रही है। राजस्थान के डूंगरपुर से शुरू हुई जांच ने दुबई और जॉर्जिया तक फैले 160 करोड़ रुपये के ऑनलाइन ठगी रैकेट का पर्दाफाश कर दिया। इस हाई-प्रोफाइल ऑपरेशन की सबसे चौंकाने वाली तस्वीर गुजरात के दाहोद से सामने आई, जहां पुलिसकर्मी बाराती बनकर शादी में घुसे और शातिर ठग को शहनाइयों के बीच दबोच लिया।
डूंगरपुर साइबर सेल की स्पेशल टीम के पांच पुलिसकर्मी शेरवानी, सिर पर साफा और पगड़ी पहनकर गुजरात के दाहोद जिले के लिमड़ी गांव पहुंचे। मौका था एक शादी समारोह का। इसी बारात में शामिल था 160 करोड़ की ठगी की साजिश का अहम किरदार कौशल कुम्हार। जैसे ही उसकी पहचान पुख्ता हुई, पुलिस ने उसे मौके पर ही हिरासत में ले लिया। अचानक हुई इस कार्रवाई से बारातियों के साथ खुद आरोपी के भी होश उड़ गए।
पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार ने बताया कि कौशल कुम्हार डूंगरपुर के एक निजी बैंक में कार्यरत था और अपने पद का दुरुपयोग कर फर्जी बैंक खातों का जाल बिछा रहा था। उसने अपने साथी इलेश पटेल उर्फ निलेश कलाल के साथ मिलकर गरीब मजदूरों, छात्रों और बेरोजगार युवाओं को सरकारी योजनाओं, पैन कार्ड और छात्रवृत्ति का झांसा देकर 450 से ज्यादा फर्जी बैंक खाते खुलवाए। इन खातों की चेकबुक, एटीएम और किट खुद अपने कब्जे में रखी गई।
जांच में सामने आया कि इन खातों का इस्तेमाल दुबई और जॉर्जिया में बैठे अंतरराष्ट्रीय ठग कर रहे थे। घनश्याम कलाल, वरुण कलाल और उपेंद्र कलाल दुबई से, जबकि डेनी उर्फ डैनी नटवरलाल जॉर्जिया से पूरे नेटवर्क को ऑपरेट कर रहे थे। शेयर मार्केट, ट्रेडिंग, क्रिप्टो करेंसी और ऑनलाइन बेटिंग ऐप्स के जरिए देशभर के लोगों से 160 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की गई।

शादी के बाद विदेश भागने की फिराक में था कौशल
पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि कौशल कुम्हार शादी समारोह के बाद विदेश भागने की तैयारी में था, ठीक अपने अन्य साथियों की तरह। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने उसके करीबी साथी इलेश पटेल उर्फ निलेश कलाल को सागवाड़ा स्थित उसके घर से गिरफ्तार कर लिया।

दो अलग-अलग मामलों की जांच ने खोली पोल
साइबर सेल की जांच दो मामलों से शुरू हुई थी। बथड़ी निवासी लालशंकर रोत और सागवाड़ा निवासी अशोक डांगी की शिकायतों में सामने आया कि उनके खातों में लाखों रुपये का संदिग्ध लेन-देन हुआ। जांच की कड़ियां जुड़ती गईं और पूरा अंतरराष्ट्रीय ठगी नेटवर्क उजागर हो गया।
एसपी मनीष कुमार ने इस साहसिक और रणनीतिक कार्रवाई को अंजाम देने वाली साइबर सेल टीम को सम्मानित किया है। साथ ही पुलिस मुख्यालय के माध्यम से दुबई और जॉर्जिया में बैठे आरोपियों को पकड़ने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।

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