जयपुर, 5 अप्रैल।
जोधपुर कमिश्नरेट पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 5 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। साइबर थाना पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर भारी मात्रा में बैंकिंग उपकरण जब्त किए हैं। पुलिस आयुक्त शरत कविराज और डीसीपी मुख्यालय शाहीन सी के निर्देशन में गठित विशेष टीम शहर के एटीएम पर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही थी। इसी दौरान निरीक्षक सुरेश सारण के नेतृत्व में टीम ने एटीएम से कैश निकालते तीन युवकों—भजन लाल विश्नोई (25), अक्षय राजपुरोहित (22) और धनराज विश्नोई (21)—को पकड़ा। पुलिस को देखकर आरोपी भागने लगे, लेकिन टीम ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें दबोच लिया।
🔍 छापेमारी में बड़ा खुलासा
आरोपियों के पांचवीं रोड स्थित ठिकाने की तलाशी में पुलिस को:
- 95 डेबिट कार्ड
- 30 सक्रिय सिम कार्ड
- 18 बैंक पासबुक/डायरी
- 11 स्मार्टफोन
- 9 डाक पार्सल लिफाफे
बरामद हुए।
💻 ठगी का तरीका
पूछताछ में सामने आया कि गिरोह Telegram के जरिए देशभर से बैंक खाते किराये पर लेता था। फर्जी नामों से खातों की किट मंगाकर उनमें ठगी की रकम डलवाई जाती थी।
रकम आते ही 30 से 60 मिनट के भीतर एटीएम से कैश निकाल लिया जाता था, ताकि खाते फ्रीज होने से पहले पैसा सुरक्षित कर लिया जाए। इसके बाद नकदी को वर्चुअल करेंसी में बदलकर मुख्य साइबर ठगों तक पहुंचाया जाता था।
⚠️ पुलिस की अपील
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि:
- अपना बैंक खाता या सिम किसी को न दें
- सोशल मीडिया पर निवेश/ट्रेडिंग के झांसे से बचें
- संदिग्ध कॉल या वीडियो कॉल से सावधान रहें
साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।
इस कार्रवाई में एएसआई जमशेद खां, कानसिंह, राजेश कुमार, हेड कांस्टेबल रामदयाल तथा कांस्टेबल महिपाल और महेन्द्र की विशेष भूमिका रही।

