24 News Update उदयपुर। नगर निगम परिसर में आयोजित ज्ञान गंगा महोत्सव के पावन अवसर पर वरिष्ठ आयुर्वेद चिकित्साधिकारी डॉ. शोभालाल औदीच्य को राष्ट्रीय संत आचार्य श्री पुलक सागर जी महाराज ने सम्मानित किया। यह सम्मान उन्हें वर्ष 2002 से लगातार 400 से अधिक साधु-साध्वियों को नि:शुल्क आयुर्वेदिक चिकित्सा उपलब्ध कराने के लिए प्रदान किया गया। उन्हें अंगवस्त्र, प्रशस्ति पत्र एवं सम्मान प्रतीक भेंट कर संतश्री ने उनकी सेवा भावना को वंदनीय बताया। समारोह में नगर निगम के अधिकारी, गणमान्य नागरिक, विभिन्न धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधि, संत समाज व बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।साधु-साध्वियों की सेवा को बनाया जीवन का उद्देश्यडॉ. औदीच्य ने दो दशकों से अधिक समय से तपस्वियों की शारीरिक व्याधियों का शास्त्रीय आयुर्वेद पद्धति से उपचार करते हुए संत सेवा को अपने जीवन का ध्येय बना लिया है। उनका मानना है कि “आयुर्वेद केवल शरीर नहीं, मन और आत्मा का भी उपचार करता है”, और साधना में लीन संतों के लिए स्वस्थ शरीर परम सहायक है।वे जैन मुनियों, दिगंबर व श्वेतांबर साध्वीवृंद, वैदिक परंपरा के ऋषियों व अन्य तपस्वियों की नियमित सेवा कर रहे हैं। पंचकर्म, नाड़ी परीक्षण, बस्ती, नस्य, स्वेदन, शिरोधारा व रसायन चिकित्सा जैसे उपचार विधियों से उन्होंने अस्थि रोग, वात विकार, स्वर समस्याएं, अनिद्रा, मानसिक तनाव, मंदाग्नि आदि विकारों का सफल समाधान किया है।संतवाणी में सेवा भाव की सराहनाराष्ट्रीय संत आचार्य श्री पुलक सागर जी महाराज ने अपने प्रवचन में कहा— “डॉ. शोभालाल औदीच्य जैसे सेवाभावी चिकित्सक समाज के लिए प्रेरणा हैं। उन्होंने जिस समर्पण से साधु-साध्वियों की सेवा की है, वह अत्यंत प्रशंसनीय है। संतों की सेवा करना साधना की सेवा है, जो केवल श्रद्धा से संभव है।”सम्मान पर डॉ. औदीच्य ने कहा “यह सम्मान मेरे लिए एक नई जिम्मेदारी है। यह संतों की कृपा और आयुर्वेद शास्त्र की दिव्यता का परिणाम है। जब कोई साधक बिना शारीरिक बाधा के साधना कर पाता है, तब मुझे संतोष मिलता है।” उन्होंने यह भी बताया कि वे चलित पंचकर्म यूनिट की योजना पर कार्य कर रहे हैं ताकि दूरस्थ क्षेत्रों में प्रवासरत संतों तक भी आयुर्वेद की पहुंच संभव हो सके। आयुर्वेद प्रचार में भी अग्रणी भूमिकासंत सेवा के साथ-साथ डॉ. औदीच्य आमजन में भी आयुर्वेद के प्रचार-प्रसार में सक्रिय हैं। उनके नेतृत्व में “स्वर्णप्राशन संस्कार महाभियान” के अंतर्गत अब तक 4 लाख से अधिक बच्चों को नि:शुल्क इम्युनिटी बूस्टर औषधि दी जा चुकी है। वे ऋतुचर्या, पंचकर्म चिकित्सा और नाड़ी परीक्षण जैसे विषयों पर कार्यशालाएं, चिकित्सा शिविर और जनजागरूकता अभियान भी आयोजित करते रहते हैं। नगर निगम उदयपुर, आयुर्वेद विभाग तथा संत समाज के प्रतिनिधियों ने डॉ. औदीच्य की सेवाओं की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उनका कार्य नई पीढ़ी के चिकित्सा कर्मियों के लिए यह संदेश देता है कि चिकित्सा केवल रोग निवारण नहीं, बल्कि समाज, संस्कृति और अध्यात्म के संरक्षण का भी माध्यम है।डॉ. शोभालाल औदीच्य का संकल्प है— “जब तक जीवन में आयुर्वेद है और संतों का आशीर्वाद है, सेवा ही मेरा धर्म रहेगा।” Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation सामाजिक समरसता जीवन में उतारे :चौबीसा ,संघ के पंच परिवर्तन पर खूब बोले चौबीसा श्रावण के आखिर सोमवार को लगाए पौधे नाथद्वारा-ओखा रेलसेवा रहेगी रेगुलेट