24 News Update उदयपुर . गंभीर एओर्टिक वाल्व रोग और सर्कुलेटरी शॉक से जूझ रहे 75 वर्षीय बुजुर्ग मरीज को पारस हेल्थ उदयपुर में सफल उपचार के बाद नई जिंदगी मिली। यह जटिल और हाई-रिस्क ट्रांसकैथेटर एओर्टिक वाल्व इम्प्लांटेशन (TAVI) प्रक्रिया कार्डियोलॉजी विभाग के डायरेक्टर एवं हेड डॉ. अमित खंडेलवाल के नेतृत्व में सफलतापूर्वक संपन्न की गई।मरीज को सीने में तेज दर्द, अत्यधिक सांस फूलना, तीव्र कमजोरी और अत्यंत निम्न रक्तचाप की अवस्था में अस्पताल लाया गया था। उनकी स्थिति अत्यंत गंभीर थी। तत्काल ICU में भर्ती कर मल्टीडिसिप्लिनरी कार्डियक टीम ने वेंटिलेटरी सपोर्ट, आवश्यक दवाएं और रक्त चढ़ाने सहित उन्नत जीवनरक्षक उपचार शुरू किया।इकोकार्डियोग्राफी और CT-TAVI जांच में स्पष्ट हुआ कि मरीज का एओर्टिक वाल्व अत्यधिक संकरा और कैल्सिफाइड हो चुका था, जिससे हृदय से रक्त प्रवाह गंभीर रूप से बाधित हो रहा था। पहले मरीज की स्थिति को स्थिर किया गया, तत्पश्चात हार्ट टीम की विस्तृत समीक्षा के बाद मिनिमली इनवेसिव TAVI प्रक्रिया सफलतापूर्वक की गई। यह तकनीक विशेष रूप से बुजुर्ग और उच्च सर्जिकल जोखिम वाले मरीजों के लिए प्रभावी मानी जाती है।डॉ. अमित खंडेलवाल ने बताया कि समय पर सटीक निदान, समन्वित क्रिटिकल केयर और अत्याधुनिक इमेजिंग तकनीकों के समुचित उपयोग से मरीज की जान बचाना संभव हो सका।फैसिलिटी डायरेक्टर डॉ. प्रसून कुमार ने कहा कि पारस हेल्थ उदयपुर दक्षिणी राजस्थान में उन्नत कार्डियक एवं स्ट्रक्चरल हार्ट सेवाओं को निरंतर सुदृढ़ कर रहा है, ताकि क्षेत्र के मरीजों को विश्वस्तरीय उपचार के लिए महानगरों की ओर रुख न करना पड़े। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation सांसद गरासिया के प्रश्न पर जवाब: राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम से कई शहरों में वायु गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ 200 में 18 निकाय ही जागे, 150 करोड़ का बजट ‘लैप्स’ होने की कगार पर, वाई-फाई लाइब्रेरी–को-वर्किंग योजना फाइलों में उलझी, समय हाथ से फिसलता जा रहा