जयपुर। दीपावली से पहले राजस्थान की भजनलाल शर्मा सरकार ने राज्य कर्मचारियों और पेंशनर्स को आर्थिक राहत देने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री ने सातवें वेतनमान के तहत महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में 3 प्रतिशत बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। इससे कर्मचारियों का महंगाई भत्ता और पेंशनर्स की महंगाई राहत मौजूदा 60 प्रतिशत से बढ़कर 63 प्रतिशत हो जाएगी। सरकार के इस फैसले से 7 लाख से अधिक कर्मचारी और 5 लाख से ज्यादा पेंशनर्स लाभान्वित होंगे। इसके अलावा करीब 6 लाख पात्र कर्मचारियों को तदर्थ बोनस देने का भी निर्णय किया गया है।

सरकार ने इस फैसले को दीपावली पर कर्मचारियों को अतिरिक्त आर्थिक संबल देने की पहल बताया है। हालांकि, कर्मचारियों के खाते में बढ़ी हुई राशि कब से और किस प्रक्रिया के तहत आएगी, इसका स्पष्ट विवरण वित्त विभाग के विस्तृत आदेश से ही सामने आएगा।

बेसिक वेतन के हिसाब से बढ़ेगा महंगाई भत्ता

महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी का अर्थ यह नहीं है कि कर्मचारी की पूरी मासिक सैलरी 3 प्रतिशत बढ़ जाएगी। डीए की गणना मूल वेतन यानी बेसिक पे के आधार पर होती है। उदाहरण के तौर पर, किसी कर्मचारी का मूल वेतन 30 हजार रुपये है तो 3 प्रतिशत बढ़ोतरी से उसे हर महीने 900 रुपये अतिरिक्त महंगाई भत्ता मिलेगा। 50 हजार रुपये मूल वेतन वाले कर्मचारी के लिए यह बढ़ोतरी 1,500 रुपये मासिक होगी। वास्तविक लाभ कर्मचारी के मूल वेतन और लागू सेवा नियमों के आधार पर तय होगा।

इसी तरह पेंशनर्स को मिलने वाली महंगाई राहत में बढ़ोतरी उनकी पात्र मूल पेंशन के आधार पर होगी। इसलिए सभी कर्मचारियों और पेंशनर्स को मिलने वाली अतिरिक्त राशि एक जैसी नहीं होगी।

करीब 6 लाख कर्मचारियों को तदर्थ बोनस

महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी के साथ सरकार ने लगभग 6 लाख पात्र कर्मचारियों को तदर्थ बोनस देने की भी मंजूरी दी है। यह बोनस पात्रता की शर्तों के अनुसार मिलेगा। किन श्रेणियों के कर्मचारी इसके दायरे में होंगे, बोनस की गणना किस आधार पर होगी और अधिकतम कितनी राशि मिलेगी, इन बिंदुओं की पुष्टि विस्तृत सरकारी आदेश से होगी।

केंद्र के फैसले के बाद राज्य सरकार की मंजूरी

राजस्थान सरकार का यह फैसला केंद्र सरकार की ओर से केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत वृद्धि किए जाने के बाद आया है। राज्य सरकार पहले भी केंद्र के फैसलों के अनुरूप अपने कर्मचारियों के डीए में संशोधन करती रही है। राजस्थान में अप्रैल 2026 में महंगाई भत्ता 58 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत किया गया था। अब नई मंजूरी के बाद यह दर 63 प्रतिशत हो जाएगी।

हालांकि, केंद्र सरकार की घोषणा के बाद राज्य में बढ़ोतरी अपने आप लागू नहीं होती। इसके लिए राज्य सरकार की मंजूरी और वित्त विभाग के आदेश जरूरी होते हैं। मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद अब कर्मचारियों की नजर इस बात पर रहेगी कि बढ़ोतरी किस तारीख से प्रभावी होगी और पिछली अवधि का बकाया किस रूप में दिया जाएगा।

सरकार पर बढ़ेगा वित्तीय भार, कर्मचारियों को मिलेगी राहत

डीए-डीआर में बढ़ोतरी और बोनस से राज्य सरकार के खर्च में इजाफा होगा। दूसरी ओर, कर्मचारियों और पेंशनर्स के हाथ में आने वाली अतिरिक्त राशि त्योहार के दौरान घरेलू खर्च, खरीदारी और अन्य जरूरतों में मदद कर सकती है। बोनस से पात्र कर्मचारियों को अलग से आर्थिक लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा है कि ‘आपणो अग्रणी राजस्थान’ के संकल्प को साकार करने में राज्य कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है और सरकार उनके कल्याण तथा आर्थिक सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।


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