– सांसद डॉ. मन्नालाल रावत के नेतृत्व में जनजातीय उन्नति, जल प्रबंधन, संस्कृति, तकनीकी शिक्षा और राष्ट्रीय एकता पर व्यापक विमर्श 24 News update उदयपुर, 8 जून। देश जब विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की ओर आत्मविश्वास से बढ़ रहा है, तब ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और जनजातीय पहचान वाला मेवाड़ क्षेत्र भी इस राष्ट्रव्यापी अभियान में अपनी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाने को तत्पर है। इसी विचार के साथ रविवार को उदयपुर में ‘विकसित भारत 2047 – विकसित मेवाड़ 2047’ संवाद शृंखला का भव्य शुभारंभ हुआ, जिसका आयोजन जैवंती प्रताप सेवा संस्थान और सांसद सेवा केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। यह आयोजन केवल एक संवाद नहीं, बल्कि मेवाड़ के भविष्य को संवारने की दिशा में एक निर्णायक कदम सिद्ध हुआ। प्रेरणाओं से प्रारंभ, संकल्पों से सशक्त कार्यक्रम का शुभारंभ सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कविता “हार नहीं मानूंगा…” और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गीत “देश नहीं झुकने दूंगा” से किया, जिससे उपस्थित जनसमूह में राष्ट्रभक्ति और संकल्पशक्ति का अद्भुत संचार हुआ। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने केवल अर्थव्यवस्था ही नहीं, बल्कि वैश्विक राजनीति, तकनीकी नवाचार और सामाजिक समावेशन के क्षेत्रों में भी अभूतपूर्व ऊंचाइयां प्राप्त की हैं। उन्होंने “मोदी है तो मुमकिन है” को केवल नारा नहीं, बल्कि यथार्थ बताया। मेवाड़ को जल संकट से उबारने का प्रयास कार्यक्रम के सूत्रधार और संयोजक दामोदर अग्रवाल ने सांसद डॉ. रावत की ऐतिहासिक उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने 8000 करोड़ रुपये की ‘जाखम से जयसमंद जलापूर्ति परियोजना’ का उल्लेख किया, जिसे मुख्यमंत्री से स्वीकृति दिलवाकर सांसद ने मेवाड़ के भविष्य को जल संकट से उबारने की दिशा में ऐतिहासिक कार्य किया। यह परियोजना मेवाड़ के दर्जनों गांवों और शहरों को दीर्घकालीन जल आपूर्ति की गारंटी देगी। वक्फ अधिनियम में संशोधन: जनजातीय अस्मिता की रक्षा अग्रवाल ने वक्फ अधिनियम में संशोधन के लिए सांसद रावत के प्रयासों की सराहना की और बताया कि जनजातीय क्षेत्रों में वक्फ कानून लागू न हो, इसके लिए संसद में उन्होंने मुखर भूमिका निभाई। उन्होंने इसे “जनजातीय अस्मिता की रक्षा के लिए निर्णायक कदम” बताया। साथ ही उन्होंने वक्फ संपत्तियों पर अवैध कब्जों के खिलाफ सरकार की कार्रवाई को “भारत की संप्रभुता और आंतरिक सुरक्षा के लिए आवश्यक” बताया। ऑपरेशन सिंदूर और भारत की सामरिक शक्ति कार्यक्रम में दामोदर अग्रवाल ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का भी उल्लेख किया, जिसे भारत की सामरिक और कूटनीतिक विजय का प्रतीक बताया गया। “पाकिस्तान की एक भी मिसाइल भारत की धरती को नहीं छू सकी, और अंततः युद्धविराम भारत की शर्तों पर हुआ,” यह बताते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की निर्णायक क्षमता को राष्ट्र के लिए वरदान कहा। ‘पहले भारत सुनता था, अब विश्व भारत की सुनता है’ अग्रवाल ने भारत की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा पर बोलते हुए कहा, “आज भारत केवल एक उपभोक्ता नहीं, बल्कि नीति निर्धारण करने वाला राष्ट्र बन चुका है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की आवाज अब दुनिया के हर मंच पर सुनी जा रही है।” तकनीकी सत्रों में उभरा ‘विकसित मेवाड़’ का विजन पहले तकनीकी सत्र में जनजातीय क्षेत्रीय विकास मंत्री, विधायक ताराचंद जैन, सांसद डॉ. मन्नालाल रावत, वरिष्ठ विचारक शांतिलाल चपलोत, प्रफुल्ल, शांतिलाल मेघवाल सहित अनेक वक्ताओं ने भाग लिया। इस सत्र में मेवाड़ के लिए 3T – ट्राइबल, टूरिज्म, ट्रांसपोर्टेशन की नीति, ट्रेड, ट्रेनिंग और टेक्नोलॉजी को जोड़कर विकास की रणनीति, जैविक खेती, शिक्षा का डिजिटलीकरण, संस्कृति के संरक्षण और AI के उपयोग जैसे विचारों पर गंभीर विमर्श हुआ। डॉ. रावत ने अलीराजपुर की कृषि सफलता का उदाहरण देते हुए कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में तकनीकी हस्तक्षेप से खेती को नई दिशा मिल सकती है। उन्होंने “दो गिलासों की कहानी” के माध्यम से जनचेतना की शक्ति को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया और कमल को स्वच्छता और निष्ठा का प्रतीक बताया। अनुच्छेद 370 और राष्ट्र की एकात्मता वरिष्ठ विचारक शांतिलाल चपलोत ने अनुच्छेद 370 की समाप्ति को राष्ट्र की एकता के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया और राजस्थान में AIIMS, IIT और उच्च न्यायालय की बेंच की स्थापना को प्राथमिकता बताया। दूसरे सत्र में उभरे नवाचार, तकनीक और युवाओं की भूमिका दूसरे तकनीकी सत्र में पूर्व आईपीएस डॉ. टीसी डामोर, आर्किटेक्ट सुनील लड्ढा, अतिरिक्त मुख्य अभियंता मनोज जैन, डॉ. आरएल सुमन, मनोज जोशी सहित अनेक विशेषज्ञों ने विचार रखे। इस सत्र में माही-जाखम-जयसमंद जलप्रवाह योजना, AI आधारित स्वास्थ्य सेवाएं, पर्यावरणीय निर्माण, औद्योगिक टूरिज्म, प्रदर्शनी केंद्र और ग्रामीण नवाचार जैसे विषयों पर ठोस सुझाव आए। भाजपा जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह और पुष्कर तेली ने युवाओं की राष्ट्रनिर्माण में भूमिका और मेवाड़ को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर लाने की योजनाएं प्रस्तुत कीं। सांसद नागरिक सम्मान से 10 विशिष्ट प्रतिभाएं सम्मानित कार्यक्रम में सामाजिक, शैक्षिक, खेल, लोक सेवा और उद्योग क्षेत्र में विशिष्ट योगदान देने वाली 10 प्रतिभाओं को ‘सांसद नागरिक सम्मान 2025’ से नवाज़ा गया। यह सम्मान न केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों को बल्कि जनसेवा की भावना को भी मान्यता देने की पहल थी। समापन में गूंजा राष्ट्रवाद समापन के अवसर पर बाबा सत्यनारायण मौर्य ने महाराणा प्रताप की पेंटिंग बनाकर ‘एक शाम राष्ट्र के नाम’ कार्यक्रम की शुरुआत की। ‘भारत माता की आरती’ और ‘वंदे मातरम्’ की गूंज से वातावरण देशभक्ति से सराबोर हो उठा। संचालन डॉ. विवेक भटनागर ने किया। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in 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