— कृपलानी ने की मेवाड़ क्षेत्र के लिए पृथक नवीन मेडिकल विश्वविद्यालय स्थापना की मांग 24 News Update निंबाहेड़ा (कविता पारख)। मेवाड़ क्षेत्र के मेडिकल, डेंटल, नर्सिंग एवं फिजियोथेरेपी महाविद्यालयों की संबद्धता को राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंस (आरयूएचएस), जयपुर से मारवाड़ मेडिकल यूनिवर्सिटी (एमएमयू), जोधपुर में स्थानांतरित करने के निर्णय को लेकर राजस्थान विधानसभा में मुद्दा उठाया गया। पूर्व यूडीएच मंत्री एवं निंबाहेड़ा विधायक श्रीचंद कृपलानी ने इस विषय को नियम 131 के अंतर्गत ध्यान आकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से सदन में उठाते हुए सरकार का ध्यान इस ओर आकर्षित किया तथा निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की। इसके साथ ही कृपलानी ने मेवाड़ क्षेत्र के लिए अलग से नवीन मेडिकल विश्वविद्यालय की स्थापना की मांग रखी।विधायक कृपलानी ने कहा कि मेवाड़ क्षेत्र के कई मेडिकल, डेंटल, नर्सिंग एवं फिजियोथेरेपी कॉलेजों की संबद्धता आरयूएचएस, जयपुर से हटाकर एमएमयू, जोधपुर से जोड़े जाने के हालिया निर्णय को लेकर संस्थानों के प्रबंधन, संकाय तथा विद्यार्थियों में चिंता का माहौल है। इस परिवर्तन से शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है।कृपलानी ने यह भी कहा कि जोधपुर में प्रशासनिक ढांचे, संकाय तथा लॉजिस्टिक व्यवस्था की पर्याप्त उपलब्धता को लेकर भी अभी कई चुनौतियां हैं, जबकि वर्तमान में इन व्यवस्थाओं का संचालन आरयूएचएस, जयपुर द्वारा सुचारू रूप से किया जा रहा है। ऐसे में अचानक किए गए इस परिवर्तन से संस्थानों के शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो सकते हैं।दूसरी गंभीर चिंता दोहरी संबद्धता की स्थिति को लेकर भी है, जो इस निर्णय के परिणामस्वरूप उत्पन्न हो सकती है। मेवाड़ क्षेत्र के संस्थानों को दो अलग-अलग विश्वविद्यालयों के नियम, परीक्षा कार्यक्रम और संचार प्रणाली के अनुसार कार्य करना पड़ सकता है। इससे संचालन में महत्वपूर्ण अक्षमताएं उत्पन्न होने, संकाय और प्रशासनिक कर्मचारियों पर कार्यभार बढ़ने तथा शैक्षणिक प्रक्रियाओं में संभावित देरी होने की आशंका है। दो अलग-अलग नियमों और प्रणालियों का प्रबंधन अतिरिक्त श्रम और अनावश्यक तनाव उत्पन्न करेगा, जिससे संस्थानों के सुचारू संचालन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।कॉलेजों ने छात्रों, संकाय और स्वयं संस्थानों पर इस परिवर्तन के प्रभाव को लेकर भी चिंता व्यक्त की है। छात्रों को परीक्षा कार्यक्रमों के असंगत होने के कारण अपनी शैक्षणिक प्रगति में बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है, जबकि संकाय सदस्यों को नए नियमों और दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्य करना पड़ेगा। इन संस्थानों की वर्षों से आरयूएचएस के साथ जुड़ाव के माध्यम से बनी प्रतिष्ठा भी इस आकस्मिक परिवर्तन के कारण प्रभावित हो सकती है।इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कृपलानी ने सरकार से आग्रह किया कि राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंस (आरयूएचएस), जयपुर से मारवाड़ मेडिकल यूनिवर्सिटी (एमएमयू), जोधपुर में संबद्धता स्थानांतरित करने के निर्णय पर पुनर्विचार किया जाए। उन्होंने कहा कि आरयूएचएस के साथ दीर्घकालिक जुड़ाव ने मेवाड़ क्षेत्र के संस्थानों को स्थिरता और शैक्षणिक उत्कृष्टता प्रदान की है, जबकि प्रस्तावित परिवर्तन कोई स्पष्ट लाभ नहीं दर्शाता और इसके बजाय कई जोखिम एवं चुनौतियां प्रस्तुत करता है, जो संस्थानों के कार्यों में बाधा डाल सकते हैं।विधायक कृपलानी ने सरकार से यह भी आग्रह किया कि मेवाड़ क्षेत्र के महाविद्यालयों, विद्यार्थियों और शैक्षणिक हितों को ध्यान में रखते हुए इस महत्वपूर्ण विषय पर संतुलित और न्यायपूर्ण निर्णय लिया जाए, ताकि शिक्षा व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सके। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation होलिका दहन के साथ रंगो व मस्ती से सराबोर हुआ वंडर सीमेंट का आर.के. नगर महिलाओं में होने वाले सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम हेतु एचपीवी टीकाकरण अभियान का शुभारंभ