24 न्यूज अपडेट, नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को केंद्र सरकार ने Z कैटेगरी की वीआईपी सुरक्षा उपलब्ध कराई है। उनकी सुरक्षा में अब 22 से 25 हथियारबंद जवान चौबीसों घंटे तैनात रहेंगे। मुख्यमंत्री और उनके आधिकारिक आवास की सुरक्षा अर्धसैनिक बल के वीआईपी सिक्योरिटी ग्रुप के जिम्मे होगी। यही ग्रुप केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और सोनिया गांधी, राहुल गांधी व प्रियंका गांधी की सुरक्षा में भी तैनात है। यह कदम उस हमले के बाद उठाया गया, जब 20 अगस्त की सुबह शालीमार बाग स्थित जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पर गुजरात निवासी राजेशभाई खीमजीभाई सकरिया ने हमला कर दिया। आरोपी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया और बुधवार रात द्वारका स्थित मजिस्ट्रेट के आवास पर पेश करने के बाद अदालत ने उसे पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया। उस पर हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया गया है।राजकोट का रहने वाला राजेश पहले से चाकूबाजी समेत पांच मामलों में आरोपी है। हालांकि गिरफ्तारी के समय उसके पास से कोई हथियार बरामद नहीं हुआ। फिलहाल इंटेलिजेंस ब्यूरो और दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल उससे पूछताछ कर रही है।हमले की घटना के दौरान आरोपी शिकायतकर्ता बनकर पहुंचा और कागज देने के बहाने मुख्यमंत्री का हाथ पकड़कर खींचने लगा। इस दौरान धक्का-मुक्की में मुख्यमंत्री मेज से टकरा गईं और उनके हाथ, कंधे तथा सिर पर चोटें आईं। जांच में सामने आया कि हमले से एक दिन पहले 19 अगस्त को आरोपी ने मुख्यमंत्री आवास की रेकी की थी। सीसीटीवी फुटेज में वह फोन पर लगातार बातचीत और वीडियो रिकॉर्डिंग करता नजर आया। बाद में वह मुख्यमंत्री के निजी कार्यालय में बैठकर भी वीडियो बनाता दिखा। पुलिस को उसके फोन से जनसुनवाई कार्यक्रम के दो वीडियो भी मिले हैं।घटना के बाद राजनीति भी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने इसे सुनियोजित हत्या की साजिश बताया है, जबकि भाजपा विधायक हरीश खुराना ने आरोपी की एक तस्वीर आप विधायक गोपाल इटालिया के साथ साझा कर आम आदमी पार्टी की संलिप्तता का आरोप लगाया। इस पर आम आदमी पार्टी ने तस्वीर को एडिटेड बताते हुए भाजपा पर फर्जीवाड़े का आरोप लगाया और कहा कि फोटो एआई तकनीक से छेड़छाड़ कर बनाई गई है।हमले के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि यह हमला दिल्ली की सेवा और जनता की भलाई के संकल्प पर कायराना वार है। हमले के बाद वह सदमे में थीं, लेकिन अब बेहतर महसूस कर रही हैं।राजेशभाई खीमजीभाई सकरिया राजकोट के कोठारिया इलाके का रहने वाला और रिक्शा चालक है। उसकी मां भानुबेन सकरिया ने कहा कि उसका बेटा जानवरों से प्रेम करता है और सुप्रीम कोर्ट के आवारा कुत्तों को पकड़ने संबंधी आदेश से व्यथित था। इसी कारण उसने दिल्ली जाकर विरोध करने की बात कही थी। भानुबेन के अनुसार उसका बेटा किसी राजनीतिक दल से नहीं जुड़ा है और मानसिक रूप से अस्थिर है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation जनसुनवाई के बीच दिल्ली CM रेखा गुप्ता पर अचानक हमला, पुलिस ने आरोपी को मौके पर दबोचा उपराष्ट्रपति पद के लिए I.N.D.I.A उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी ने भरा नामांकन