मुनाफे का झांसा देकर कराया निवेश, पहले तीन आरोपी हो चुके गिरफ्तार; बैंक खातों के जरिए दुबई-मुंबई तक फैला नेटवर्क उजागर 24 News Update जयपुर 07 मई। फर्जी ट्रेडिंग ऐप के जरिए लाखों रुपये का मुनाफा दिलाने का झांसा देकर 92 लाख 75 हजार रुपये की साइबर ठगी करने के मामले में साइबर थाना बारां पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब तक कुल चार आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस जांच में सामने आया कि ठगी का नेटवर्क बैंक खातों और फर्जी दस्तावेजों के जरिए संचालित किया जा रहा था।पुलिस अधीक्षक बारां अभिषेक अंदासु ने बताया कि फरियादी विष्णु गालव निवासी बारां ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि सितंबर 2025 में मैसेंजर ऐप के माध्यम से एक महिला ने खुद को हरमन कौर बताकर संपर्क किया। आरोपी महिला ने खुद को बेंगलुरु की एक कंपनी में कार्यरत बताकर विश्वास में लिया और बाद में टेलीग्राम के जरिए एक ट्रेडिंग ऐप से जोड़ दिया।शुरुआत में आरोपी ने निवेश पर 54 हजार रुपये का लाभ दिखाकर भरोसा कायम किया। इसके बाद फरियादी और उसकी पत्नी से अलग-अलग किश्तों में लाखों रुपये निवेश करवाए गए। जब पीड़ित ने राशि निकालने की कोशिश की तोफॉरेन मनी एक्सचेंज फीस और ट्रेडिंग फीस के नाम पर अतिरिक्त रकम जमा कराने का दबाव बनाया गया। इसी दौरान पीड़ित को साइबर ठगी का एहसास हुआ।पीड़ित के अनुसार अक्टूबर से दिसंबर 2025 के बीच उसके और उसकी पत्नी के बैंक खातों से विभिन्न बैंकों के जरिए कुल 92.75 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए गए। शिकायत पर साइबर थाना बारां में भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट की धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई।अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश चौधरी के सुपरविजन और पुलिस उप अधीक्षक साइबर अशोक चौधरी के नेतृत्व में गठित टीम ने बैंक खातों की डिटेल, ट्रांजेक्शन हिस्ट्री और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने सामाजिक संस्था के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर उन्हें साइबर ठगी के लिए इस्तेमाल किया।अनुसंधान में यह भी उजागर हुआ कि आरोपियों ने समाज सेवा और चंदा दिलाने के नाम पर लोगों को झांसे में लेकर बैंक खाते खुलवाए और उनके पासबुक, एटीएम, सिम कार्ड अपने कब्जे में ले लिए। बाद में इन्हीं खातों का उपयोग साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर करने के लिए किया गया। यह रकम आगे मुंबई और दुबई तक पहुंचाई जाती थी।पुलिस ने इस मामले में चार्ल्स रोडरिग पुत्र सिरील जोसेफ निवासी कटनी, मध्यप्रदेश को प्रोडक्शन वारंट के जरिए जिला जेल कटनी से गिरफ्तार किया। आरोपी पहले से ही एक अन्य ठगी के मामले में जेल में बंद था। पूछताछ में उसने बैंक खातों के दुरुपयोग और साइबर नेटवर्क से जुड़े अहम खुलासे किए हैं।इस गिरोह के तार अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। मामले में अन्य सहयोगियों की तलाश जारी है और आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।पुलिस टीम में पुलिस उप अधीक्षक अशोक चौधरी, उप निरीक्षक सुकेन्द्र सिंह, हेड कांस्टेबल दिग्विजय सिंह, कांस्टेबल लोकेश और करतार सिंह की विशेष भूमिका रही। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation लूट और अपहरण के मामले में वांटेड आरोपी देहरादून के एक स्कूल में सिक्योरिटी गार्ड बनकर काट रहा था फरारी