24 News Update जयपुर। सवाई मानसिंह अस्पताल के चरक भवन में सोमवार शाम एक गंभीर हादसा हो गया। ईएनटी वार्ड में अपनी बहन से मिलने पहुंची 59 वर्षीय महिला के सिर पर अचानक छत का पंखा गिर गया। हादसे में महिला के सिर पर गंभीर चोट आई और 12 से अधिक टांके लगाने पड़े। घटना के बाद घायल महिला और उसके परिजन करीब आधे घंटे तक इलाज के लिए एम्बुलेंस का इंतजार करते रहे। बाद में एम्बुलेंस से उसे ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया।घटना सोमवार शाम करीब 6 बजे की बताई जा रही है। करौली निवासी संतोष का चरक भवन स्थित ईएनटी वार्ड में कान का ऑपरेशन हुआ था। उसकी बहन रेणु, उम्र 59 वर्ष, निवासी करौली, उससे मिलने अस्पताल पहुंची थी। रेणु वार्ड में मरीज के बेड के पास रखी टेबल पर बैठी हुई थी। इसी दौरान छत पर लगा पंखा अचानक नीचे आ गिरा और सीधे रेणु के सिर पर जा लगा।पंखा गिरते ही वार्ड में अफरा-तफरी मच गई। रेणु के सिर से खून बहने लगा। हादसा देखकर साथ मौजूद परिजन घबरा गए। परिजनों के अनुसार घटना के बाद करीब 10 से 15 मिनट तक वे मौके पर ही इलाज मिलने का इंतजार करते रहे। इसके बाद वार्ड में मौजूद नर्सिंग कर्मचारियों ने एम्बुलेंस के लिए सूचना दी। करीब आधे घंटे बाद एम्बुलेंस पहुंची और घायल रेणु को ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया। ट्रॉमा सेंटर में टांके लगे, भर्ती नहीं कियाट्रॉमा सेंटर में डॉक्टरों ने महिला के सिर की चोट का उपचार करते हुए 12 से अधिक टांके लगाए। उपचार के बाद उसे वहां भर्ती नहीं किया गया। परिजनों के अनुसार डॉक्टरों ने मेडिसिन विभाग में भर्ती कराने की सिफारिश की, लेकिन वहां भी महिला को भर्ती नहीं किया गया और उसे वापस चरक भवन भेज दिया गया। इसके बाद घायल रेणु को उसकी बहन के पास ईएनटी वार्ड में ही बेड पर शिफ्ट कर दिया गया। परिजनों को बताया गया कि मेडिसिन विभाग से डॉक्टर आकर महिला को देखेंगे और उसके बाद आगे का उपचार तय किया जाएगा। हालांकि मंगलवार सुबह 11 बजे तक कोई डॉक्टर घायल महिला को देखने नहीं पहुंचा। पंखे की सुरक्षा जांच पर सवालअस्पताल परिसर में मरीजों और उनके परिजनों की सुरक्षा के लिए विद्युत और रखरखाव से जुड़े विभाग मौजूद हैं। इसके बावजूद वार्ड में लगा छत का पंखा अचानक गिरने से अस्पताल की रखरखाव व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। हादसे के बाद जिम्मेदारी तय करने को लेकर संबंधित अधिकारियों की ओर से स्पष्ट जवाब सामने नहीं आया। मामले में जिम्मेदार अधिकारी जेईएन शक्ति सिंह से बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन वे मामले पर जवाब देने से बचते नजर आए। अस्पताल में लगे पंखों और अन्य विद्युत उपकरणों की नियमित जांच तथा उनकी सुरक्षा को लेकर पीडब्ल्यूडी और बिजली विभाग के इंजीनियर एवं कर्मचारी तैनात हैं। ऐसे में सवाल यह है कि यदि उपकरणों की समय-समय पर जांच होती है तो वार्ड का पंखा अचानक कैसे गिर गया। पहले भी अस्पतालों में सामने आ चुके हादसेअस्पतालों में भवन और रखरखाव से जुड़े हादसों की यह पहली घटना नहीं है। 4 अगस्त 2026 को चूरू जिले के सुजानगढ़ के जनाना अस्पताल में बरामदे की छत का प्लास्टर एक महिला के सिर पर गिर गया था। हादसे में महिला के सिर पर दो टांके आए थे। वहीं मई 2025 में एसएमएस अस्पताल की मुख्य इमारत के सर्जरी विभाग के वार्ड में छत का प्लास्टर और मलबा अचानक गिर गया था। उस घटना में वार्ड में भर्ती दो मरीज घायल हुए थे। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation रात 11 बजे तक शराब दुकानें खोलने की मांग पर जयपुर में ठेकेदारों का प्रदर्शन, सरकार को आंदोलन तेज करने की चेतावनी 4.30 लाख की जाली करेंसी के साथ चार गिरफ्तार, कांग्रेस प्रवक्ता के बेटे का नाम सामने आने से सियासत गरमाई; बांग्लादेश से खेप पहुंचने और निकाय चुनाव में खपाने की तैयारी का पुलिस का दावा