24 News Update जयपुर,उदयपुर। महाराष्ट्र के पालघर जिले में मुंबई–अहमदाबाद हाई स्पीड रेल (बुलेट ट्रेन) परियोजना ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि परियोजना के तहत राज्य में पहली बार पर्वतीय सुरंग का निर्माण सफलतापूर्वक पूरा किया गया है। यह सुरंग पालघर जिले में विरार और बोइसर बुलेट ट्रेन स्टेशनों के बीच स्थित है और इसे परियोजना की दूसरी सुरंग के रूप में विकसित किया गया है।करीब डेढ़ किलोमीटर लंबी इस पर्वतीय सुरंग को एमटी-5 नाम दिया गया है, जो पालघर जिले की सबसे लंबी सुरंगों में शामिल है। सुरंग की खुदाई दोनों सिरों से की गई और अत्याधुनिक ड्रिल एंड ब्लास्ट तकनीक का उपयोग करते हुए महज 18 महीनों में यह कार्य पूरा किया गया। निर्माण के दौरान जमीन की स्थिति की वास्तविक समय में निगरानी की गई, जिसके आधार पर शॉटक्रेट, रॉक बोल्ट और लैटिस गर्डर जैसी सहायक प्रणालियों को लगाया गया। सुरक्षा के सभी मानकों का सख्ती से पालन किया गया, जिसमें वेंटिलेशन, अग्नि सुरक्षा और सुरक्षित प्रवेश-निकास की व्यवस्थाएं शामिल रहीं। इससे पहले मुंबई के ठाणे और बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स के बीच लगभग पांच किलोमीटर लंबी पहली भूमिगत सुरंग सितंबर 2025 में पूरी की जा चुकी है। मुंबई–अहमदाबाद हाई स्पीड रेल परियोजना की कुल लंबाई 508 किलोमीटर है, जिसमें 27.4 किलोमीटर सुरंगें शामिल हैं। इनमें 21 किलोमीटर भूमिगत और 6.4 किलोमीटर सतही सुरंगें हैं। परियोजना में कुल आठ पर्वतीय सुरंगें प्रस्तावित हैं, जिनमें से सात महाराष्ट्र में और एक गुजरात में स्थित है।केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि बुलेट ट्रेन परियोजना से न केवल निर्माण के दौरान बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित हो रहा है, बल्कि संचालन के बाद भी नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने बताया कि परियोजना के पूरा होने पर मुंबई और अहमदाबाद के बीच यात्रा का समय घटकर मात्र 1 घंटा 58 मिनट रह जाएगा, जिससे दोनों शहरों सहित पूरे कॉरिडोर के प्रमुख वाणिज्यिक केंद्र आपस में और अधिक सशक्त रूप से जुड़ सकेंगे।उन्होंने कहा कि इस परियोजना से कॉरिडोर के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, ज्ञान के आदान-प्रदान को गति मिलेगी और नए औद्योगिक व आईटी केंद्रों के विकास में मदद मिलेगी। बुलेट ट्रेन को मध्यम वर्ग के लिए किफायती, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का साधन बताते हुए मंत्री ने कहा कि यह परियोजना दीर्घकालिक आर्थिक लाभ देने के साथ-साथ लोगों की आधुनिक परिवहन संबंधी आकांक्षाओं को पूरा करेगी।पर्यावरण के लिहाज से भी यह परियोजना महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अश्विनी वैष्णव ने कहा कि बुलेट ट्रेन के संचालन से सड़क परिवहन की तुलना में कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में लगभग 95 प्रतिशत तक की कमी आएगी, जो सतत विकास की दिशा में बड़ा कदम है।महाराष्ट्र में फिलहाल सात पर्वतीय सुरंगों पर काम चल रहा है। इनमें एमटी-1, एमटी-2, एमटी-3, एमटी-4, एमटी-6 और एमटी-7 पर विभिन्न चरणों में निर्माण कार्य जारी है, जबकि सबसे लंबी एमटी-5 सुरंग में 2 जनवरी 2026 को महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है। इन सभी सुरंगों की कुल लंबाई लगभग छह किलोमीटर है।मुंबई–अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर गुजरात, दादरा एवं नगर हवेली और महाराष्ट्र के प्रमुख शहरों को जोड़ने वाला है। साबरमती, अहमदाबाद, आनंद, वडोदरा, भरूच, सूरत, बिलिमोरा, वापी, बोइसर, विरार, ठाणे और मुंबई जैसे शहरों को जोड़ने वाली यह परियोजना भारत के परिवहन बुनियादी ढांचे में एक क्रांतिकारी बदलाव के रूप में देखी जा रही है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation सॉफ्टवेयर इंजीनियर पर जानलेवा हमला, तलवार-हॉकी स्टिक से पीटा, गंभीर घायल दो दिवसीय जिला स्तरीय आवासीय प्रशिक्षण का शुभारंभ