- चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने उच्च स्तरीय बैठक में दिए निर्देश
24 News Update जयपुर. राजस्थान सरकार ने प्रदेश के अस्पतालों में ब्लड ट्रांसफ्यूजन प्रणाली को अधिक सुरक्षित और सुदृढ़ बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने सोमवार को स्वास्थ्य भवन में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में संबंधित अधिकारियों को एसओपी में जरूरी सुधार और तकनीकी नवाचारों को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य मंत्री ने हाल ही में सवाई मानसिंह अस्पताल में सामने आई एक गलत रक्त चढ़ाने की घटना को अत्यंत गंभीर बताते हुए कहा कि भविष्य में ऐसी कोई चूक न हो, इसके लिए ब्लड ट्रांसफ्यूजन की प्रक्रिया को पूरी तरह सटीक और पारदर्शी बनाना अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि “हर रोगी का जीवन अनमोल है और उपचार में लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
आभा आईडी में ब्लड ग्रुप अनिवार्य
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि राजस्थान डिजिटल हेल्थ मिशन के अंतर्गत अब हर रोगी की आभा आईडी में ब्लड ग्रुप की जानकारी अनिवार्य रूप से दर्ज की जाएगी। इससे आपात स्थिति में ब्लड की उपलब्धता और ट्रांसफ्यूजन की प्रक्रिया अधिक सटीक एवं तेज़ हो सकेगी।
आईसीयू में एसओपी की सख्त पालना अनिवार्य
श्री खींवसर ने निर्देश दिए कि राजकीय चिकित्सा संस्थानों के आईसीयू एवं क्रिटिकल केयर वार्डों में एसओपी की सख्त पालना सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि इन वार्डों में वरिष्ठ चिकित्सकों, सीनियर रेजीडेंट्स, और केवल प्रशिक्षित नर्सिंग व पैरामेडिकल स्टाफ को ही तैनात किया जाए। चिकित्सा संस्थानों के प्रभारी अधिकारी इन वार्डों और ब्लड बैंक की नियमित निगरानी करें और खामियां मिलने पर तत्काल सुधार कराएं। मंत्री ने स्पष्ट किया कि एसओपी की अवहेलना या कर्मचारियों की लापरवाही सामने आने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विशेषज्ञों से मिले सुझाव
बैठक में चिकित्सा विशेषज्ञों ने भी ब्लड ट्रांसफ्यूजन प्रणाली को सुधारने के लिए अपने तकनीकी एवं व्यावहारिक सुझाव साझा किए। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़, चिकित्सा शिक्षा सचिव श्री अम्बरीष कुमार, चिकित्सा शिक्षा आयुक्त श्री इकबाल खान और सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

