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अवैध शराब पर सबसे बड़ी कार्रवाई: प्रदेशभर में छापेमारी, 5,000 लीटर से ज्यादा वॉश नष्ट, कच्ची भट्टियों पर चला बुलडोज़र, तस्करों की धरपकड़ तेज

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उदयपुर/जयपुर। राजस्थान में अवैध शराब के नेटवर्क पर बड़ा पुलिस–आबकारी अभियान चलाया गया है। आबकारी आयुक्त शिवप्रसाद नकाते के निर्देश पर पूरे प्रदेश में जीरो टॉलरेंस अभियान के तहत नाकाबंदी, दबिश, रात्रि गश्त और सर्च ऑपरेशन की व्यापक कार्रवाई की गई। अभियान का फोकस — अवैध शराब निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री पर पूर्ण रोक — रहा।

अतिरिक्त आबकारी आयुक्त प्रशासन ओपी जैन और अतिरिक्त आबकारी आयुक्त पॉलिसी प्रदीप सिंह सांगावत की सुपरविजन में विशेष निरोधात्मक कार्रवाई को तेज किया गया। प्रदेशभर की निरोधक टीमों को यह स्पष्ट निर्देश दिया गया था कि किसी भी स्तर पर अवैध शराब माफिया को ढील नहीं दी जाएगी।


चाकसू–बस्सी–देवगांव बेल्ट में भारी कार्रवाई — 2000 लीटर वॉश, 4 भट्टियां नष्ट

जयपुर जिले में आबकारी थाना चाकसू, देवगांव, त्रिलोकपुरा, लिसाड़िया और वाडियों की ढाणी क्षेत्र में छापों की श्रृंखला चलाई गई।
इस दौरान—

गांवों में छापों के दौरान कई जगह माफिया गतिविधि देखकर टीमें तत्काल कार्रवाई में जुटीं। कच्ची शराब की भट्टियां मौके पर ही तोड़ दी गईं।


अनूपगढ़ में हथकड़ शराब बरामद — 100 लीटर वॉश, 28 लीटर तैयार शराब जब्त

अनूपगढ़ में आबकारी विभाग ने दबिश देकर—

बरामद की। यहां अवैध शराब का नेटवर्क खेतों के बीच गुप्त स्थानों पर चल रहा था।


श्रीगंगानगर: 400 लीटर वॉश, 1 भट्टी ध्वस्त

श्रीगंगानगर के ग्रामीण इलाके में की गई कार्रवाई में—

नष्ट की गई। पुलिस को यहां लंबे समय से अवैध शराब बनने की शिकायतें मिल रही थीं।


हनुमानगढ़ में बड़ी सफलता — 2500 लीटर वॉश, 4 भट्टियां खत्म

हनुमानगढ़ के मक्काशार क्षेत्र में की गई भारी दबिश में—

इस क्षेत्र में लंबे समय से अवैध शराब माफिया सक्रिय थे। छापेमारी के दौरान टीम को कई बार इलाके की भौगोलिक कठिनाइयों का सामना भी करना पड़ा।


पूरे प्रदेश में अवैध शराब पर शिकंजा और कसेगा

प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी नाकाबंदी, रेड और घेराबंदी लगातार जारी है। आबकारी विभाग ने साफ कहा है कि—

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