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बेडवास भूमि विवाद : मुवक्किल पक्ष ने आम सूचना को बताया भ्रामक, अजीतसिंह पर दबाव व फर्जीवाड़े के आरोप

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24 न्यूज अपडेट, उदयपुर। बेडवास स्थित कृषि भूमि विवाद ने तूल पकड़ लिया है। प्रार्थी पक्ष के अधिवक्ता के.के. मेहता ने कहा कि उनके मुवक्किल भूरीलाल शर्मा पुत्र मोडाजी शर्मा और श्रीमती प्रेमलता शर्मा पत्नी नूरीलाल शर्मा, निवासी बेडवास, 31 जुलाई 2025 को प्रकाशित आम सूचना को सिरे से खारिज करते हैं। उन्होंने इसे झूठा, मिथ्या और भ्रामक बताते हुए स्पष्ट किया कि उक्त भूमि का विक्रय कभी नहीं हुआ, बल्कि यह केवल ऋण संबंधी लेन-देन के लिए नुमाइशी (दिखावटी) इकरार था।
एडवोकेट मेहता ने बताया कि अजीतसिंह पुत्र बलवन्तसिंह, निवासी सेक्टर-11 उदयपुर से उनके मुवक्किलों ने कुछ समय पूर्व ब्याज सहित नकद राशि उधार ली थी, जो कई गुना ब्याज सहित चुका दी गई है। इस बारे में अजीतसिंह को बार-बार वैधानिक चेतावनी भी दी गई, लेकिन इसके बावजूद वह विवाद खड़ा कर भूमि पर अवैध दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
मेहता ने कहा कि विवादित भूमि मौजा राजस्व ग्राम रकमपुरा, पटवार हल्का मोईयों की पचोली, तहसील मिर्वा, जिला उदयपुर की है, जिसमें आराजी संख्या 370, 371, 372, 376, 377 और 378 कुल रकबा 0.5500 हेक्टेयर शामिल है। इस कृषि भूमि पर नगर विकास प्राधिकरण (यूआईटी) ने नियमानुसार पट्टे जारी कर दिए थे, जिनके आधार पर भूमि अलग-अलग व्यक्तियों को विक्रय की गई है। इसलिए अजीतसिंह के दावे निराधार हैं।
अधिवक्ता ने यह भी आरोप लगाया कि अजीतसिंह ने उनके मुवक्किलों से लिए गए हस्ताक्षरित खाली छह चेक और 500 रुपये के स्टाम्प का दुरुपयोग कर झूठे दस्तावेज तैयार किए। साथ ही पुलिस की मिलीभगत से झूठे प्रकरण दर्ज कराए, जो वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन हैं। उन्होंने कहा कि अजीतसिंह के खिलाफ पहले भी अलग-अलग थानों और अदालतों में कई मामले दर्ज हो चुके हैं।
इस पूरे विवाद को लेकर जब मुवक्किल पक्ष ने सूरजपोल थाने का रुख किया तो पुलिस ने उपलब्ध वीडियो को साक्ष्य मानने से इनकार कर दिया। मेहता का कहना है कि अजीतसिंह समाज में उनके मुवक्किल की प्रतिष्ठा को धूमिल करने और भय व दबाव के जरिए जमीन हड़पने की नीयत से लगातार षड्यंत्र कर रहे हैं।

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