24 News Update चित्तौड़गढ़. चित्तौड़गढ़ में भालू की मौजूदगी एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है। रविवार सुबह बस्सी तहसील के पाल का घाटा गांव में एक भालू दिखाई दिया। यह क्षेत्र विजयपुर रेंज में आता है। ग्रामीणों ने बताया कि भालू रामेश्वर गुर्जर के खेत में देखा गया, जिसके बाद वह घाटे की पहाड़ियों की ओर चला गया। दो दिन पहले भी चित्तौड़गढ़ दुर्ग के सूरजपोल गेट के पास एक भालू दिखाई दिया था। इसकी सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची थी और देर शाम तक भालू की तलाश करती रही, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। रविवार को जब पाल का घाटा क्षेत्र में भालू नजर आया, तब खेत में काम कर रहे लोगों में हलचल मच गई। खेत के पास ही मौजूद प्रकाश चंद्र वैष्णव ने भालू की मूवमेंट देखी और तुरंत उसका वीडियो भी बना लिया। उन्होंने बताया कि भालू कुछ देर खेत में घूमता रहा और फिर पहाड़ी की ओर चला गया। इस बार भालू को देखने के बाद भी ग्रामीणों ने वन विभाग को इसकी जानकारी नहीं दी। अगर समय पर सूचना दी जाती, तो वन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंचकर भालू की सही लोकेशन का पता लगा सकती थी। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और खेतों या पहाड़ी इलाकों में अकेले जाने से बचें। अगर कहीं भी भालू या किसी अन्य जंगली जानवर की गतिविधि नजर आए, तो तुरंत विभाग को सूचित करें, ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके। जानकारों का मानना है कि गर्मी के कारण जंगली जानवर पानी और खाने की तलाश में जंगलों से बाहर निकल रहे हैं। ऐसे में भालू जैसे जानवर रिहायशी इलाकों तक पहुंच जाते हैं। पाल का घाटा और सूरजपोल जैसे क्षेत्र जंगलों से सटे होने के कारण भालू की मूवमेंट यहां देखी जा रही है। माना जा रहा है कि यह भालू मध्य प्रदेश के जंगल या फिर मेनाल के जंगलों से आया है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation ग्रेनाइट से भरा ट्रोला ओवरब्रिज की दीवार पर चढ़ा,ट्रैफिक डायवर्ट करने से कुम्भानगर फाटक के आसपास लगा जाम चित्तौड़गढ़: लेबर पेन में पहुंची महिला की इलाज के अभाव में मौत, गर्भस्थ शिशु भी नहीं बचा; डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप